Bokaro: आगामी रामनवमी और ईद पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर शनिवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने संयुक्त रूप से की। बैठक में दोनों पर्वों के दौरान विधि-व्यवस्था, जुलूस प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

भाईचारे और सौहार्द
बैठक में उपायुक्त अजय नाथ झा ने निर्देश दिया कि रामनवमी जुलूस के दौरान लगाए जाने वाले झंडों की ऊंचाई निर्धारित सीमा के भीतर ही रखी जाए, ताकि यातायात और सुरक्षा से जुड़ी कोई समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने सभी समुदायों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील करते हुए कहा कि बोकारो की पहचान हमेशा से सामाजिक सद्भाव और एकता के लिए रही है।
एक-दूसरे के पर्व में…
उपायुक्त ने कहा कि जैसे ईद पर लोग एक-दूसरे के साथ सेवई बांटते हैं और रामनवमी पर प्रसाद के रूप में लड्डू ग्रहण करते हैं, उसी तरह सभी समाज के लोग एक-दूसरे के पर्व में शामिल होकर खुशियां साझा करें। इससे समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश जाता है।

डीजे संचालकों से अलग बैठक करने का निर्देश
रामनवमी जुलूस – ईद के दौरान डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) को अलग से बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इस बैठक में संबंधित अखाड़ा समितियों एवं विभिन्न आयोजकों के साथ चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
अफवाह फैलाने वालों पर..
बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया, ताकि त्योहार के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखने और भ्रामक जानकारी प्रसारित होने पर त्वरित कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया।
जुलूस पूर्व निर्धारित पुराने मार्ग से
पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। जुलूस मार्गों और प्रमुख चौक-चौराहों पर दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति होगी तथा सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रामनवमी के सभी जुलूस पूर्व निर्धारित पुराने मार्ग से ही निकाले जाएंगे और नए रूट की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने जुलूस मार्गों की समीक्षा करने और प्रमुख अधिकारियों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने का सुझाव दिया, ताकि जरूरत पड़ने पर आम नागरिक प्रशासन से संपर्क कर सकें। बैठक में जिले के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

