Bokaro: बोकारो में शहीद प्रेम प्रसाद को न्याय दिलाने की मांग ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। आंदोलन के दौरान 3 अप्रैल 2025 को हुई प्रेम प्रसाद की मौत के बाद परिजनों को दिए गए आश्वासन अब तक पूरे नहीं होने से आक्रोश गहरा गया है। शहीद की मां गोमती देवी ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि पूर्व में हुए समझौते के अनुरूप नियोजन और जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो 6 मार्च 2026 से एडीएम बिल्डिंग के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इस घोषणा के बाद हलचल तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने सशर्त अनुमति देते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की है।

कोई ठोस पहल नहीं
मृतक की माता गोमती देवी द्वारा 27 फरवरी को डीसी बोकारो को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि – 5 अप्रैल 2025 को उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों, विस्थापित प्रतिनिधियों और बोकारो इस्पात संयंत्र प्रबंधन की मौजूदगी में यह निर्णय लिया गया था कि 15 दिनों के भीतर शहीद के एक आश्रित को नियोजन दिया जाएगा। साथ ही 20 डिसमिल जमीन पार्क निर्माण के लिए उपलब्ध कराने और विस्थापित अप्रेंटिस के बच्चों को तीन माह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर रोजगार देने का आश्वासन दिया गया था। परिजनों का कहना है कि इन्हीं भरोसों के बाद अंतिम संस्कार किया गया, लेकिन लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई।
ठगा हुआ महसूस कर रहें है
गोमती देवी और विस्थापित अपरेंटिस संघ का आरोप है कि बोकारो इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने समझौते की शर्तों को टालने का काम किया है। नियोजन नहीं मिलने और जमीन आवंटन लंबित रहने से परिवार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। इस मुद्दे को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी समर्थन देने की घोषणा की है, जिससे धरना व्यापक रूप ले सकता है।

एसडीओ चास का आदेश
इधर ज़िले प्रशासन की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी, चास कार्यालय ने सशर्त अनुमति प्रदान की है। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। किसी भी परिस्थिति में विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने पर आयोजकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आमजन और वाहनों की आवाजाही बाधित नहीं करने, धरना स्थल पर झंडा या आदमकद प्रतिमा नहीं लगाने, जुलूस या रैली में हथियार, लाठी-डंडा, तीर-धनुष या भाला लेकर नहीं चलने की सख्त हिदायत दी गई है। साथ ही अग्नि, विस्फोटक या ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर चेतावनी
आदेश में ये भी लिखा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप और फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने पर प्राथमिकी दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई है। साइलेंस जोन में ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर रोक रहेगी और पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। विधि-व्यवस्था संधारण के लिए कार्यपालक दंडाधिकारी को प्रतिनियुक्त किया गया है, जबकि बीएस सिटी थाना प्रभारी को आवश्यक पुलिस बल के साथ सहयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

