Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में कुछ श्रमिक संगठनों द्वारा 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के आह्वान पर प्रबंधन ने कर्मचारियों से हड़ताल में शामिल न होने की अपील की है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि बोकारो स्टील प्लांट एक थर्मो-सेंसिटिव एकीकृत इकाई है, जहां किसी भी प्रकार का संचालन बाधित होना मानव सुरक्षा, मशीनों और उत्पादन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

बीएसएल प्रबंधन का कहना है कि हड़ताल से उत्पादन, उत्पादकता और औद्योगिक शांति प्रभावित होगी, साथ ही आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत लौह-इस्पात उद्योग को पब्लिक यूटिलिटी सर्विस घोषित किया गया है, ऐसे में हड़ताल कानून का उल्लंघन होगी। See Video-
इधर, भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध बोकारो स्टील राष्ट्रीय मजदूर संघ ने हड़ताल से खुद को अलग रखते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। संगठन ने कहा कि वह 12 फरवरी की किसी भी हड़ताल का समर्थन या उसमें भाग नहीं करेगा। वहीं सेक्टर-9 स्थित जय झारखंड मजदूर समाज कार्यालय में हुई बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनो को समाप्त कर लाये गये चार लेवर कोड के विरोध में 12 फरवरी 2026 की देशव्यापी हड़ताल को संगठन ने समर्थन देने का निर्णय लिया।


