Bokaro: काले रंग की संदिग्ध गाड़ी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबर पर आखिरकार पुलिस ने विराम लगा दिया है। महिलाओं के गायब होने से जुड़ी खबरों के बीच सेक्टर चार थाना क्षेत्र में सामने आई एक युवती के साथ हुई घटना के बाद शहर में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच करते हुए संदिग्ध बताई जा रही काली कार को डिटेक्ट कर लिया।

जिससे वह घबरा गई
बताया जाता है कि बीते दिनों एक युवती काम समाप्त कर देर शाम पैदल घर लौट रही थी। इसी दौरान काले रंग की एक कार, जिस पर ‘प्रेस’ लिखा था, उसके पास आकर रुकी। युवती का आरोप था कि कार में सवार महिलाओं ने उसे जबरन गाड़ी में बैठने और घर छोड़ने की बात कही, जिससे वह घबरा गई और गाड़ी में बैठने से इनकार कर दिया। इसके बाद कार वहां से चली गई। युवती ने इस संबंध में बाल कल्याण समिति से शिकायत की, जिसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया।
जांच में सामने आया
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शहर के विभिन्न इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्ध गाड़ी को ट्रैक कर लिया। जांच में सामने आया कि गाड़ी में सवार महिलाएं प्रेस से जुड़ी हैं और सामाजिक संस्था के लिए कार्य कर रही थीं। सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने बताया कि सोशल मीडिया में आई खबर के कारण लोगों में अनावश्यक भय फैल रहा था। जिसपर अब विराम लग गया। उन्होंने कहा कि जब उस युवती कि खबर सामने आई थी तो इन महिलाओ को खुद सामने आकर सच बताना चाहिए था। पर उन्होंने ऐसा नहीं किया। जिससे थोड़ी परेशानी हुई। डीएसपी ने लोगो से अपील की कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो सीधे 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दें, न कि अफवाहों पर भरोसा करें।

उस दिन अंधेरी सड़क पर अकेली युवती को देखकर
वहीं, गाड़ी में सवार महिला ने भी पुलिस के समक्ष स्पष्ट किया कि वह सामाजिक संस्था से जुड़कर लोगों की मदद करती हैं। उस दिन अंधेरी सड़क पर अकेली युवती को देखकर उन्होंने मदद के इरादे से घर छोड़ने की पेशकश की थी। युवती के मना करने पर वे वहां से चली गईं। महिला ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर चल रही खबरों की जानकारी नहीं थी, उनका मोबाइल टुटा हुआ था, अन्यथा वे स्वयं पुलिस के पास आकर स्थिति स्पष्ट कर देतीं। पुलिस ने बताया कि जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मामला अपहरण या जबरन उठाने का नहीं, बल्कि गलतफहमी और अफवाहों का परिणाम था।

