Bokaro: चास नगर निगम चुनाव में मेयर पद की लड़ाई अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। नाम वापसी के अंतिम दिन शुक्रवार को तीन प्रत्याशियों द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद मैदान में अब कुल 31 उम्मीदवार शेष रह गए हैं। नाम वापस लेने वालों में प्रिया चौरसिया, कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष उमेश प्रसाद गुप्ता और मोहम्मद इमरान शामिल हैं, जिसकी पुष्टि निर्वाचन अधिकारियों ने की है।
पिछले चुनाव से काफी बदली हुई तस्वीर
नाम वापसी के बाद चुनावी तस्वीर वर्ष 2015 के नगर निगम चुनाव की तुलना में काफी बदली हुई नजर आ रही है। उस समय मेयर पद के लिए 42 प्रत्याशी मैदान में थे, जबकि इस बार संख्या घटकर 31 पर आ गई है। अब 7 जनवरी को शेष प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे, जिसके साथ ही चुनाव प्रचार औपचारिक रूप से तेज हो जाएगा।
अब इतने ही उम्मीदवार
इधर, चास नगर निगम क्षेत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया के तहत निर्वाची पदाधिकारी ने वैध प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी है। सूची के अनुसार कुल 37 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र जांच में सही पाए गए थे, जबकि तीन नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए थे। 34 बचे हुए प्रत्याशियों में शुक्रवार को तीन प्रत्याशियों द्वारा नाम वापस लेने के चलते अब 31 उम्मीदवार ही चुनावी समर में रह गए हैं।

इसलिए उमेश गुप्ता ने नामांकन वापस लिया
कांग्रेस खेमे की बात करें तो मंजूर अंसारी, गजेंद्र प्रसाद हिमांशु, मोहम्मद सुल्तान, उमेश प्रसाद गुप्ता, जमील अख्तर और मो. रफीक अंसारी ने नामांकन प्रपत्र लिया था। इनमें मंजूर अंसारी को छोड़ सभी ने नामांकन दाखिल किया। नाम वापसी के दौरान उमेश प्रसाद गुप्ता ने यह कहते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया कि कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व ने जमील अख्तर को पार्टी का समर्थित उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी के अनुशासित सिपाही होने का हवाला देते हुए उन्होंने चुनावी दौड़ से हटने का निर्णय लिया। अब कांग्रेस की ओर से गजेंद्र प्रसाद हिमांशु, मोहम्मद सुल्तान और मो. रफीक अंसारी मैदान में बने हुए हैं।
भाजपा में असमंजस
वहीं भाजपा में मेयर पद को लेकर अंदरूनी असमंजस साफ नजर आ रहा है। पार्टी समर्थित प्रत्याशी और पूर्व उपमहापौर अविनाश कुमार के नामांकन के बावजूद तीन अन्य भाजपा कार्यकर्ता भी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। मंगलवार को अविनाश कुमार ने नामांकन दाखिल किया, जबकि बुधवार को भाजपा कार्यकर्ता परिंदा सिंह, ऋतु रानी सिंह और अरविंद राय ने भी पर्चा भर दिया और अब मैदान में डट गए है। इस तरह भाजपा से जुड़े कुल चार प्रत्याशी मेयर पद के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री संजय सेठ चास में आकर पार्टी कार्यकर्ताओ को संगठित रहने का सन्देश दिए, पर इस चुनावी माहौल में उनके उपस्तिथि का कोई असर होता नहीं दिख रहा।
बहुकोणीय मुकाबला ?
इनके अलावा पूर्व मेयर भोलू पासवान जमीनी स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। उनकी सक्रिय मौजूदगी लगभग हर बूथ पर देखी जा रही है, जिससे वे मतदाताओं के बीच लगातार संपर्क में बने हुए हैं। वहीं, लंबे रेस के धावक की तरह डॉ. विकास पांडेय भी धीरे-धीरे अपनी स्थिति मजबूत करते नजर आ रहे हैं। उनकी अंदरखाने चल रही तोड़-जोड़ की राजनीति ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। व्यवसायी गोपाल मुरारका अपने पुराने स्टाइल में दिख रहे। उधर, राजद समर्थित साधु सरन गोपे भी मेयर पद की दौड़ में पूरी मजबूती के साथ टिके हुए हैं। बिनोद कुमार का नाम भी कुछ लोग लेते दिख रहे है। गजेंद्र प्रसाद हिमांशु भी लीड लेने में जुटे है।निर्मल महतो भी कैंपेनिंग में जुटे है। कुल मिलाकर चास नगर निगम का मेयर चुनाव अब बहुकोणीय मुकाबले का रूप ले चुका है, जिससे चुनावी सरगर्मी दिन-प्रतिदिन तेज होती जा रही है।

