Bokaro: नगर निकाय चुनाव की तिथि की औपचारिक घोषणा भले ही अभी नहीं हुई हो, लेकिन चास नगर निगम (Chas Nagar Nigam) क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है। प्रत्याशी मैदान में उतरकर जनसंपर्क में जुट गए हैं। जहां भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) जैसी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में अब तक उम्मीदवारों के नाम पर सहमति नहीं बन सकी है, वहीं कुछ राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने समय को भांपते हुए प्रचार की कमान संभाल ली है। मेयर से लेकर वार्ड सदस्य पद के दावेदारों ने घर-घर संपर्क शुरू कर दिया है, जिससे चास धीरे-धीरे पूरी तरह चुनावी रंग में रंगता नजर आ रहा है।
फिलहाल दिखाई दे रहे है ये तीन चेहरे
फिलहाल चास नगर निगम में मेयर पद की दौड़ में तीन प्रमुख चेहरे सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। इनमें पूर्व मेयर भोलू पासवान, झामुमो के नगर अध्यक्ष मंटू यादव और केएम मेमोरियल के संचालक डॉ. विकास पांडेय शामिल हैं। तीनों ही संभावित प्रत्याशी जनता के बीच जाकर आशीर्वाद मांग रहे हैं। इस बार पिछले चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे गोपाल मुरारका और चौथे स्थान पर रहे सुरेश कुमार चुनाव मैदान में नहीं उतर रहे हैं, ऐसे में उनके समर्थक वोट बैंक पर सभी प्रत्याशियों की नजर टिकी हुई है।
वही बाजी मार सकेगा, जो…
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार मेयर पद के लिए उम्मीदवारों की संख्या 50 से अधिक हो सकती है। ऐसे में जीत-हार का फैसला लगभग 10 हजार वोटों के भीतर सिमटने की संभावना जताई जा रही है। चास नगर निगम के सभी 35 वार्डों और करीब 155 मतदान केंद्रों पर जिस प्रत्याशी की मजबूत पकड़ होगी, वही बाजी मार सकता है। इस चुनाव में चीरा चास और ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाता निर्णायक भूमिका में रहेंगे, जबकि हर बार की तरह भर्रा क्षेत्र के मतदाताओं के रुख पर भी सबकी निगाहें टिकी रहेंगी। बैलेट पेपर से होने वाले चुनाव में मजबूत सांगठनिक आधार वाले प्रत्याशी को बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है।

भोलू पासवान ने तंज कसते हुए कहा…

इन्हीं आकलनों के बीच पूर्व मेयर भोलू पासवान (Bholu Paswan) ने बुधवार को बांधगोड़ा और कमलडीह क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाया। स्थानीय लोगों से संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि “खाओ-पियो-नोच के, वोट दो सोच के।” उन्होंने बिना किसी प्रत्याशी का नाम लिए तंज कसते हुए कहा कि ठंड पहले भी पड़ती रही है, लेकिन चुनाव आते ही कुछ लोग पहली बार कंबल बांटते नजर आते हैं। चास की जागरूक जनता सब कुछ देख और समझ रही है।
विकास पांडेय: उनकी सबसे बड़ी ताकत बस यही है कि…

उधर, डॉ. विकास पांडेय (Vikas Pandey) भी जोरदार प्रचार में जुटे हुए हैं। सर्द सुबह से ही उन्होंने चीरा चास क्षेत्र में कई बैठकें कीं और बाद में गुरुद्वारे पहुंचकर शीश नवाया। इस दौरान लोगों ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। डॉ. पांडेय ने साफ-सुथरी राजनीति का संदेश देते हुए कहा कि ऐसा मेयर चुना जाना चाहिए जो जनता के बीच का हो, स्वच्छ छवि वाला, सभ्य और शिक्षित हो। उन्होंने कहा कि अवसर मिलने पर वे अपने नाम के अनुरूप चास के विकास के लिए कार्य करेंगे और जनता का आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
निश्चिंत रहिये, झामुमो इस बार खेला करेगी: मंटू

इन दोनों के अलावा झामुमो के मंटू यादव (Mantu Yadav) भी पूरे जोश के साथ चुनावी बैठकों में जुटे हैं। पिछले मेयर चुनाव की तुलना में इस बार झामुमो (JMM) की स्थिति चास में अधिक मजबूत मानी जा रही है। पार्टी कार्यकर्ता हर बूथ पर संगठन को सशक्त करने में लगे हैं। मंटू यादव बीते छह माह से लगातार सक्रिय हैं और प्रतिदिन चास के विभिन्न इलाकों में बैठकें कर रहे हैं। उनका कहना है कि – “निश्चिंत रहिये, झामुमो इस बार खेला करेगी।” झामुमो सरकार की मैया सम्मान योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं ने लोगों के दिलों में जगह बनाई है और इसी का लाभ पार्टी को नगर निकाय चुनाव में मिलेगा।
बड़ी पार्टियों में मेयर पद के लिए खींचतान की चर्चा
इधर, बड़ी पार्टियों में अभी तक उम्मीदवारों के नाम सामने नहीं आ सके हैं और अंदरूनी खींचतान की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार झारखंड में नगर निकाय चुनाव-2026 को लेकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य निर्वाचन आयोग के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। इसके तहत फरवरी में राज्य के 48 नगर निकायों में एक चरण में बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएंगे। आयोग 27 जनवरी तक अधिसूचना जारी कर सकता है, जबकि संभावित रूप से 25-26 फरवरी को मतदान कराया जाएगा। नामांकन की अवधि सात कार्यदिवस की होगी। आयोग ने चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

