Bokaro: हालांकि झारखंड में प्रवेश करते ही चक्रवात ‘यास’ कमजोर हो गया, लेकिन इसके बावजूद भी अपना असर दिखा गया। आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तेज हवाओं और लगातार बारिश से ग्रामीण इलाकों में करीब दो दर्जन घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ जगह पेड़ और उसकी शाखाएं सड़क पर गिर गईं, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। जिला प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है।
ज़िले के सभी आठ ब्लॉकों के सर्किल ऑफिसर्स के द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को आये चक्रवात में कसमार में एक घर, गोमिया में तीन घर और चंद्रपुरा ब्लॉक में 13 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए है। नावाडीह में भी एक मकान के क्षतिग्रस्त होने की सुचना है। इसके अलावा गोमिया प्रखंड की हजारी पंचायत में बिजली गिरने से विनोद यादव (30) की मौत हो गई। विनोद अपने घर के पीछे काम कर रहा था और इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरी। विनोद दूध कारोबारी था।

इस बीच, बोकारो स्टील टाउनशिप में भी ऐसी घटनाएं देखी गईं जहां चक्रवात से आई भारी बारिश में सीढ़ियो का छज्जा गिर गया। गुरुवार को टाउनशिप के सेक्टर 12 और सेक्टर -6 में तीन आवासीय ब्लॉकों में यह घटना घटी। शीर्ष मंजिल में रहने वाले परिवारों को बारिश के कारण सीढ़ियां गिरने से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन रहने वाले लोग यह सोच कर दहशत में हैं की कही उनके घरों के छत भी ऐसे ही न गिर जाये।
भारी बारिश से कई जगह निवासियों को भी परेशानी हुई, सड़कों पर जल जमाव हो गया और कई क्षेत्रों में बिजली गायब रही।
बांध-
तेनुघाट बांध से लगभग 1745 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे दामोदर नदी में जल स्तर बढ़ गया, जिससे नदी के पास के इलाको में रहने वाले निवासियों को अलर्ट कर दिया गया है। दामोदर नदी जिले के कई इलाकों से गुजर कर और धनबाद होते हुए पश्चिम बंगाल में प्रवेश करती है। जिले में तेनुघाट, गरगा और कोनार सहित तीन बांध है। भारी बारिश से इन तीनों बांधों का जलस्तर बढ़ा है, पर खतरे के निशान के नीचे ही है। एहतियात के तौर पर तेनुघाट बांध से पानी छोड़ा गया है।
उद्योग-
भारी बारिश ने बेरमो क्षेत्रों में सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड (सीसीएल) परियोजनाओं में कोयला परिवहन में बाधा डाली। चक्रवात के कारण बारिश होने से सीसीएल बीएंडके प्रक्षेत्र अंतर्गत बोकारो कोलियरी की डीडी माइंस में पानी भर गया है। वहीं ओएनजीसी ने गोमिया और चंदनक्यारी ब्लॉक में अपनी दो साइटों में चक्रवात यास के मद्देनजर उत्पादन बंद रखा। बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में स्टील का उत्पादन सामान्य बना हुआ है।
मेडिकल ऑक्सीजन का डिस्पैच जारी रहा-
‘यास’ चक्रवात के दौरान तेज हवाओं और लगातार बारिश के बावजूद, बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) ने कोविड -19 रोगियों के इलाज के लिए अन्य राज्यों में मेडिकल ऑक्सीजन भेजने का सिलसिला जारी रखा है। टैंकरों के जरिए मेडिकल ऑक्सीजन बिहार भेजी गई। बीएसएल के संचार प्रमुख, मणिकांत धान ने कहा, “हमने पिछले 48 घंटों में टैंकरों में लगभग 30 टन मेडिकल ऑक्सीजन बिहार भेजा है। देश में कोविड-19 रोगियों के लिए किसी भी परिस्थिति में मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन और डिस्पैच जारी रहेगा। उन्होंने कहा, बुधवार को 10.36 टन और गुरुवार को 19.2 टन बिहार भेजा गया”।
जांच टीम घर-घर जाकर सर्वे का कार्य करती रही –
कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए बोकारो ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जा रहा है। जांच टीम घर-घर जाकर जांच कर रही है। जांच टीम में शामिल सेविका, सहिया एवं महिला समूह की दीदी घर-घर जाकर संक्रमितों को तलाशने में कोई लापरवाही नहीं बरत रही है। यह टीम पिछले 25 मई, 2021 से जिले के सभी प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे व जांच दल अभियान चला रही है। सर्वे के साथ ही लोगों को कोविड नियमों के अनुपालन, वैक्सीनशन से जुड़ी जानकारियों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका और दीदियों द्वारा किया जा रहा है।
गुरुवार की सुबह से चक्रवात का पूरा असर दिखा। सुबह से ही तेज हवा के साथ रुक-रुककर बारिश होती रही। जिसकी वजह से पूरा शहर पानी-पानी हो गया। 24 घंटों में जिले में 70 मिली. वर्षापात रिकॉर्ड किया गया। पिछले दिनों 38 से 40 डिग्री तक पहुंचा अधिकतम तापमान 25 से 26 डिग्री पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
चास के कई इलाकों में बिजली आंखमिचौली करती रही। बुधवार रात करीब 11 बजे कई इलाकों में कटी बिजली गुरुवार की शाम पांच बजे आई। बिजली विभाग ने कागजों में पूरी तैयारी कर रखी थी। कंट्रोल रूम को बिजली फॉल्ट की सूचना देने के लिए दो-दो मोबाइल नंबर भी जारी किया था, लेकिन सब बेकार साबित हुए।
