Bokaro: गोपनीय कार्यालय कक्ष में गुरूवार को उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने बटन क्लिक कर आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत ऑनलाइन नामांकन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) जगरनाथ लोहरा, जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) अतुल कुमार चौबे, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

निजी विद्यालयों में…
उपायुक्त ने कहा कि आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिले में नामांकन प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता, सरलता एवं समयबद्ध तरीके से संचालित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की गई है।
4 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं अभिभावक
उपायुक्त ने बताया कि आरटीई के तहत नामांकन के लिए अभिभावक 05 मार्च से 04 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अभिभावक अपने बच्चों के नामांकन के लिए rtebokaro.com पोर्टल पर जाकर आवश्यक जानकारी भरकर आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया से आवेदन प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी तथा अभिभावकों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

विद्यालय से दूरी के आधार पर कर सकेंगे आवेदन
आरटीई के तहत नामांकन के लिए अभिभावक अपने बच्चों का आवेदन विद्यालय से 01 किलोमीटर, 03 किलोमीटर एवं 06 किलोमीटर की निर्धारित परिधि के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में कर सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को अपने घर के समीप स्थित विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले तथा आवागमन में भी किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो।
जिले के 51 विद्यालयों में 1434 सीटों पर होगा नामांकन
जिले में आरटीई अधिनियम के अंतर्गत कुल 51 निजी विद्यालयों में 1434 सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस योजना के तहत 03 वर्ष से 07 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का प्रवेश कराया जाएगा। पात्रता की शर्तों को पूरा करने वाले अभिभावक अपने बच्चों के नामांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
प्रखंड एवं जिला स्तर पर गठित होगी कमेटी
नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए प्रखंड एवं जिला स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाएगा। प्रखंड स्तरीय कमेटी में संबंधित प्रखंड के बीडीओ – सीओ अध्यक्ष होंगे तथा बीईईओ सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे। वहीं, जिला स्तरीय कमेटी में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) अध्यक्ष होंगे तथा जिला शिक्षा अधीक्षक सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। ये कमेटियां आवेदन की जांच, सत्यापन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की निगरानी करेंगी तथा पूरी पारदर्शिता के साथ मेरिट सूची तैयार करने का कार्य करेंगी।
जागरूकता अभियान चलाने का दिया निर्देश
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि आरटीई योजना की जानकारी अधिक से अधिक अभिभावकों तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए जागरूकता वैन, पंपलेट वितरण, प्रचार सामग्री तथा समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से लोगों को योजना के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चे इस योजना का लाभ उठा सकें।
मेधावी बच्चों को मुफ्त शिक्षा का अवसर दिलाना प्राथमिकता
उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने कहा कि आरटीई अधिनियम का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी योग्य एवं मेधावी बच्चा केवल आर्थिक कारणों से शिक्षा के अवसर से वंचित नहीं रह जाए, यह सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नामांकन प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जाए, ताकि आरटीई अधिनियम की मूल भावना को साकार किया जा सके।

