Bokaro: झारखण्ड स्थित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के बोकारो स्टील प्लांट (BSL) ने ब्लास्ट फर्नेस में हाइड्रोजन गैस इंजेक्शन सिस्टम विकसित करने के इंजीनियरिंग फेज के लिए Primetals Technologies के साथ समझौता किया है। भारत सरकार की कार्बन कटौती योजना के तहत वित्तपोषित यह परियोजना इस्पात उत्पादन से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में ठोस कमी लाने की दिशा में एक अहम कदम है।

हाइड्रोजन से होगा पारंपरिक ईंधन का प्रतिस्थापन
परियोजना के तहत ब्लास्ट फर्नेस के ट्यूयर स्तर पर हाइड्रोजन गैस इंजेक्शन तकनीक को एकीकृत किया जाएगा। इसमें हाइड्रोजन आंशिक रूप से पारंपरिक कार्बन-आधारित ईंधन की जगह लेगा, जिससे CO₂ उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी। चरणबद्ध रूप से हाइड्रोजन का उपयोग तकनीकी चुनौतियों को नियंत्रित ढंग से संभालने और फर्नेस की दक्षता बढ़ाने में मदद करेगा।
बड़े स्तर पर डिकार्बोनाइजेशन की दिशा में कदम
SAIL Bokaro इस परियोजना को अपनी समग्र हरित रणनीति का हिस्सा मानता है, जिसमें उन्नत उत्सर्जन नियंत्रण, वेस्ट प्रबंधन और हरित विकास जैसे प्रयास शामिल हैं। हाइड्रोजन-आधारित समाधान अपनाकर बोकारो स्टील प्लांट (BSL) भारतीय इस्पात उद्योग में पर्यावरणीय मानकों की नई मिसाल स्थापित करना चाहता है।

Primetals Technologies पिछले चार दशकों से गैस इंजेक्शन समाधान विकसित कर रही है और भारत में भी कई प्रमुख इस्पात संयंत्रों में हाइड्रोजन इंजेक्शन से जुड़े सफल प्रयोग कर चुकी है।

