Bokaro : विश्व जल दिवस 2026 के अवसर पर चास प्रखंड के हैंसाबातु जलापूर्ति योजना स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त अजय नाथ झा और उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला का उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना था।

उपायुक्त ने कहा कि “जल ही जीवन का आधार है, इसकी एक-एक बूंद अमूल्य है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि जल का दुरुपयोग न करें और छोटे-छोटे प्रयासों से इसे बचाने की आदत डालें। उन्होंने गांव का पानी गांव में ही रोकने के लिए हर घर में सोखपीट बनाने पर जोर दिया। साथ ही वर्षा जल संचयन को अपनाने की भी सलाह दी, ताकि भविष्य में जल संकट से निपटा जा सके।
डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता बताई और कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता आम लोगों की भागीदारी पर निर्भर करती है। कार्यशाला में जल स्रोतों के संरक्षण, जल प्रदूषण रोकने और आधुनिक तकनीकों से जल शुद्धिकरण पर भी चर्चा हुई।

इस दौरान अधिकारियों और जलसहियाओं ने अपने अनुभव साझा किए, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई और पौधारोपण किया गया।

