Bokaro: सर्दियों के मौसम में, टूरिस्ट जगहों पर आने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे कचरा भी ज़्यादा फैलता है। इस पिकनिक सीज़न में इन टूरिस्ट जगहों को साफ़ और स्वच्छ रखने के लिए, ज़िला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के पर्यटन स्थलों पर अतिरिक्त कूड़ेदान (बास्केट) की व्यवस्था की जाए। साथ ही नदियों एवं जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है।
जल स्रोतों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज करें
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल स्रोतों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 15 जनवरी तक अनिवार्य रूप से भेजी जाए। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। राज्य स्तर से भी इसकी निगरानी की जा रही है।
एसटीपी निर्माण एवं संचालन को लेकर दिए गए आवश्यक निर्देश
आज हुई बैठक में चास नगर निगम, बीएसएल प्रबंधन एवं फुसरों नगर परिषद को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण – संचालन से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। वहीं, चास निगम क्षेत्र में डिसेल्टिंग चेंबर निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई। जिस पर अपर नगर आयुक्त ने बताया कि योजना की प्रशासनिक स्वीकृति हो गई है। 15 दिनों में कार्य शुरू हो जाएगा। कहा कि बिना उपचारित अपशिष्ट जल का नदियों में प्रवाह रोका जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि नदियों की स्वच्छता और अविरलता बनी रहे।

जनसहभागिता से ही सफल होगा नमामि गंगे अभियान
बैठक के समापन पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि नमामि गंगे अभियान केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन आंदोलन है। जिले में प्रवाहित नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने अपील की कि सभी बोकारोवासी गरगा महोत्सव में भाग लेकर नदी संरक्षण का संकल्प लें और इसे स्वच्छ, निर्मल एवं जीवनदायिनी बनाएं रखने में सहयोग करें।

