Bokaro: बोकारो रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाले यात्रियों को लंबे समय से वाहन ‘ड्रॉपिंग जोन (Dropping Zone)’ की सुविधा नहीं होने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन परिसर पर निर्धारित ड्रॉपिंग जोन के अभाव में यात्रियों को या तो पार्किंग शुल्क चुकाना पड़ता है या फिर दूर स्थित पार्किंग स्थल में वाहन खड़ा कर पैदल प्लेटफार्म पहुँचना पड़ता है। इस समस्या पर उस समय विशेष ध्यान गया, जब दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा अपने एकदिवसीय दौरे पर बोकारो पहुँचे और उनसे इस बारे में सवाल किया गया।
महाप्रबंधक (GM) ने इस स्थिति पर हैरानी जताते हुए कहा कि किसी बड़े रेलवे स्टेशन पर ऐसी समस्या नहीं होनी चाहिए। यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता बताते हुए मिश्रा ने कहा कि प्रमुख स्टेशनों पर सुगम प्रवेश और वाहन ड्रॉपिंग प्वाइंट अनिवार्य होते हैं, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों और महिला यात्रियों के लिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा और यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप जल्द ही ड्रॉपिंग जोन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
GM ने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को छोड़ने आने वाले निजी वाहनों को निर्धारित ड्रॉपिंग जोन में पहले आठ मिनट तक नि:शुल्क रुकने की अनुमति होती है। बता दें, बोकारो रेलवे स्टेशन शहर के मुख्य क्षेत्र से काफी दूर स्थित है, जिसके कारण अधिकांश यात्री निजी वाहनों पर निर्भर रहते हैं। ड्रॉपिंग जोन न होने से बुजुर्गों, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और भारी सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

दौरे के दौरान महाप्रबंधक (GM) ने अमृत भारत योजना के तहत बोकारो रेलवे स्टेशन में चल रहे यात्री सुविधा उन्नयन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने आउटयार्ड, एम्प्टी यार्ड, गुड्स शेड, इलेक्ट्रिक शेड और लोको शेड का भी निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने भोजूडीह रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर आद्रा मंडल के डीआरएम मुकेश गुप्ता, सीनियर डीसीएम विकास कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए मिश्रा ने कहा कि बोकारो एक महत्वपूर्ण यात्री और माल परिवहन केंद्र है। अमृत भारत योजना के तहत नया फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर, रिटायरिंग रूम और आधुनिक स्टेशन भवन विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा नॉर्थ केबिन से बोकारो स्टेशन के बीच नई रेल लाइन जोड़ी जा रही है, जिससे दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म चालू होंगे और कुल संख्या तीन से बढ़कर पांच हो जाएगी। हालांकि, नए ट्रेनों के परिचालन को लेकर फिलहाल स्थान की कमी के कारण कोई प्रस्ताव नहीं है।

