Bokaro: दिल्ली पब्लिक स्कूल, बोकारो (DPS Bokaro) के मेधावी छात्र सर्वज्ञ सिंह ने अपनी वैज्ञानिक सोच और रचनात्मक प्रतिभा के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को द्वारा आयोजित वैश्विक प्रतियोगिता में सर्वज्ञ को बेस्ट साइंटिफिक क्रिएटिविटी अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल अपने विद्यालय और बोकारो, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
यूनेस्को के इंटरनेशनल ईयर ऑफ क्वांटम साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IYQ-2025) के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता ‘क्वांटम लाइट: ए विजुअल ओडिसी’ में सर्वज्ञ की दृश्य कृति ‘व्हिस्पर्स ऑफ लाइट– ट्रेसिंग फोटोन्स थ्रू लिविंग मैटर्स’ को विश्व स्तर पर सर्वश्रेष्ठ चुना गया। कक्षा 12 के छात्र सर्वज्ञ ने अपनी कृति के माध्यम से प्रकाश की क्वांटम प्रकृति और उसे एक संदेशवाहक के रूप में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिसने निर्णायकों को खासा प्रभावित किया। यूनेस्को सचिवालय के अनुसार, इस उपलब्धि पर आधारित एक विशेष लेख यूनेस्को की वैश्विक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा।
यह प्रतियोगिता विश्वभर के छात्रों, शिक्षकों, कलाकारों और शोधकर्ताओं के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। विशेषज्ञों की कड़ी जांच के बाद 27 कृतियों को शॉर्टलिस्ट किया गया और सार्वजनिक मतदान के जरिए विजेताओं का चयन किया गया। 23 दिसंबर को घोषित परिणामों में चार प्रमुख श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए।

सर्वज्ञ की सफलता पर विद्यालय में विशेष सभा का आयोजन किया गया, जहां प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने उन्हें सम्मानित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश की वैज्ञानिक प्रतिष्ठा को और मजबूती देती है। उन्होंने सर्वज्ञ को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वज्ञ पहले भी कई उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। भविष्य को लेकर उनका सपना विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अपना स्टार्ट-अप शुरू करने का है। वे एआई और नवाचार के जरिए समाज की समस्याओं के समाधान को अपना लक्ष्य मानते हैं। यह सफलता उनके निरंतर परिश्रम, परिवार और शिक्षकों के सहयोग का प्रतिफल मानी जा रही है

