Bokaro: कैंप टू स्थित शिबू सोरेन समृति भवन (Town Hall) सभागार में शनिवार को जिला खनीज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की न्यास परिषद की बैठक हुई। मौके पर माननीय सांसद-विधायकगणों द्वारा पूर्व में डीएमएफटी के तहत किए गए कार्यों में नियमों की अनदेखी करने की बात कहीं गई। जिस पर उपायुक्त सह परिषद के अध्यक्ष अजय नाथ झा ने कहा कि पूर्व में किए गए सभी कार्यों की जांच/ऑडिट/सीएजी ऑडिट/सोशल इंम्पैक्ट ऑडिट कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएगा, उसकी रिपोर्ट कार्रवाई के लिए सरकार को प्रेषित की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि सोशल ऑडिट में माननीय जन प्रतिनिधिगण, पंचायत प्रतिनिधिगण भी शामिल होंगे।
उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को कहा कि कार्यों का निष्पादन नियम के तहत होगा। अगर कहीं कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित पदाधिकारी को चिन्हित करते हुए दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मौके पर उपायुक्त सह परिषद के अध्यक्ष अजय नाथ झा ने सभी सदस्यों को सरकार द्वारा जारी अद्यतन दिशा – निर्देश डीएमएफटी के तहत उपलब्ध राशि की खर्च करने/कौन – कौन सी योजनाओं को लिया जा सकता हैं उसकी जानकारी दी। कहा कि डीएमएफटी की राशि खनन से प्रभावित पंचायत क्षेत्रों (प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से) में ही किया जाना है। राशि का व्यय, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में स्थित खदानों से जिस अनुपात में राशि का संग्रहण किया गया है, उसी आनुपातिक आधार पर किया जाएगा।
अनुशंसित योजना किनकी, यह होगी रिपोर्ट में स्पष्ट
बैठक में तैयार रिपोर्ट में माननीय सांसद – विधायकगणों ने अनुशंसित योजनाओं किनके द्वारा है, इसे स्पष्ट करने की बात कहीं गई। जिस पर अध्यक्ष सह उपायुक्त ने कहा कि 15 दिनों के अंदर उन्हें इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी एवं अगली बैठक से तैयार प्रतिवेदन में ही इसका स्पष्ट उल्लेख होगा किनके द्वारा कौन सी योजना अनुशंसित की गई है।
प्रत्यक्ष – अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों का होगा बेस लाइन सर्वे
बैठक में सरकार से प्राप्त दिशा – निर्देश के अनुसार खनन प्रभावित क्षेत्रों (प्रत्यक्ष – अप्रत्यक्ष पंचायतों/गांवों) का बेस लाइन सर्वे कराने पर सर्व सहमति से पारित किया गया। साथ ही, उन क्षेत्रों का आगामी 05 वर्ष का प्रोसप्क्टिव प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया। वहीं, छूटे हुए पंचायतों – गांवों को प्रभावित क्षेत्रों की सूची में शामिल करने के लिए बीडीओ/सीओ को पत्र लिख प्रस्ताव प्राप्त करने और उन्हें पुनः प्रबंधकीय समिति के समक्ष रखने का निर्देश दिया।
बैठक में इन प्रस्तावों पर किया गया चर्चा – ग्रामसभा कराएं
बैठक में माननीय सांसदों, विधायकगणों – प्रखंड प्रमुखों – मुखियागणों आदि के द्वारा प्रत्यक्ष रूप एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों के लिए योजनाओं को अनुसंसित किया गया था। बैठक में सर्व सहमति से उक्त सभी योजनाओं को ग्रामसभा से पारित कराते हुए प्रबंधकीय समिति के समक्ष प्रस्तुत करने का अनुमोदन दिया गया। साथ ही, उससे सभी माननीय सदस्यों को अवगत कराने को निर्देशित किया गया।
माननीय सांसदों – विधायकगणों ने रखी अपनी बात
बैठक में माननीय मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग योगेंद्र प्रसाद, माननीय सांसद गिरिडीह चंद्रप्रकाश चौधरी, माननीय सांसद धनबाद ढुलू महतो, माननीय विधायक चंदनकियारी उमाकांत रजक, माननीय विधायक बेरमो जय मंगल सिंह, माननीय विधायक बोकारो श्वेता सिंह, माननीय विधायक डुमरी जयराम कुमार महतो, विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख/ विभिन्न पंचायतों के मुखिया आदि ने अपनी बात रखीं।

