Bokaro: बोकारो में महालया के अवसर पर नवरात्रि (Navratri) की पूजा का आगाज़ हुआ। इस खास दिन पर महिलाओं ने नारी शक्ति के रूप में मां दुर्गा की महिमा का स्मरण करते हुए पदयात्रा निकाली। चास के जगदम्बा मंदिर से शुरू होकर यह यात्रा करीब 3 किलोमीटर की दूरी तय कर चास गरगा पुल स्थित भारत माता मंदिर तक पहुँची।

धार्मिक संगठन और समुदाय का संयुक्त प्रयास
यह धार्मिक कार्यक्रम विश्व हिन्दू परिषद और दुर्गा वाहिनी (Durga Vahini) के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार की पदयात्राएं केवल धार्मिक भक्ति तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और नारी शक्ति की भूमिका को भी स्पष्ट करती हैं।
नारी शक्ति का धार्मिक संदेश
महिलाओं ने इस अवसर पर कहा कि नारी शक्ति केवल घर या पारिवारिक सीमाओं तक सीमित नहीं है। मां दुर्गा के स्वरूप में यह शक्ति समाज में कुरीतियों, अन्याय और अराजकता के खिलाफ भी खड़ी हो सकती है। उन्होंने सभी महिलाओं से अपील की कि वे अपने जीवन में नारी शक्ति को जागृत करें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ।

सनातन धर्म की रक्षा और बहनों की जागरूकता
पदयात्रा में शामिल एक महिला सनातनी ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य हिन्दू बहनों को जागरूक करना और सनातन धर्म की रक्षा करना है। करीब 350 महिलाओं ने इस यात्रा में भाग लिया और नारी शक्ति के महत्व को धर्म और संस्कृति के दृष्टिकोण से समाज के सामने रखा।

