Bokaro: नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। हालांकि इससे बच्चों की स्क्रीन टाइम में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, पर यह वृद्धि चिंताजनक स्तर तक नहीं पहुंचेगी। इसके बावजूद, अभिभावकों को बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने और उन्हें संतुलित उपयोग के लिए मार्गदर्शन देने की आवश्यकता है। यह बातें डीपीएस बोकारो के प्राचार्य एवं सहोदय कॉम्प्लेक्स के अध्यक्ष डॉ. ए. एस. गंगवार ने कहीं।
उत्तर नहीं लिख पाते
उन्होंने कहा कि AI आधारित शिक्षा विषय-विशेष और समय-सीमा के भीतर सीमित होती है, लेकिन आजकल बच्चे यूट्यूब और ऑनलाइन वीडियो पर अत्यधिक निर्भर होते जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है। बच्चों को लगता है कि वीडियो देखकर वे विषय समझ लेते हैं, लेकिन जब वही छात्र पेन-पेपर वाली परीक्षा देते हैं तो लिखने का अभ्यास न होने के कारण वे उत्तर व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत नहीं कर पाते। गंगवार के अनुसार, पढ़ने-लिखने की सतत प्रैक्टिस ही बच्चों की सीखने की क्षमता और ज्ञान को स्थायी बनाती है, जबकि केवल स्क्रीन देखने से वह प्रभाव नहीं पड़ता।
झारखंड, बिहार और ओडिशा के 100 से अधिक शिक्षाविद पहुंचे
AI के अलावा NEP 2020 से जुड़े अन्य विषयो पर और भी विस्तृत चर्चा तब हुई जब झारखंड, बिहार और ओडिशा के 100 से अधिक शिक्षाविद शनिवार को बोकारो में आयोजित स्कूल लीडरशिप समिट 2025 में जुटे। डॉ. राधाकृष्णन सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स, बोकारो ने CED फाउंडेशन के सहयोग से यह 18वीं समिट और अवार्ड समारोह आयोजित किया, जो MSME मंत्रालय और नीति आयोग से संबद्ध संगठन है। See Video-

नई मूल्यांकन प्रणाली और शिक्षा का भविष्य
समिट के दौरान विभिन्न सत्रों, मुख्य भाषण, पैनल चर्चा और प्रस्तुति, में छात्र-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया। NEP 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, नई मूल्यांकन प्रणाली और शिक्षा के भविष्य पर शिक्षकों ने विस्तृत विमर्श किया। कार्यक्रम में झारखंड, बिहार और ओडिशा के 35 वरिष्ठ शिक्षाविदों को टीचर रत्न पुरस्कार, टीचर गौरव पुरस्कार और भारतीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
शिक्षक ही ऐसे व्यक्तित्व हैं जिनके सामने सभी सिर झुकाते हैं: DC
मुख्य अतिथि उपायुक्त अजय नाथ झा ने इसे शिक्षा जगत के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही ऐसे व्यक्तित्व हैं जिनके सामने सभी सिर झुकाते हैं। शिक्षक ही देश को डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासक और सफल नागरिक प्रदान करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा जताई कि वे छात्रों को मजबूत, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते रहें।
NEP 2020 भारत की शिक्षा का दूरदर्शी रोडमैप
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों और वरिष्ठ शिक्षाविदों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल, सेक्टर 5 के छात्रों ने स्वागत गीत पेश किया, जबकि श्री अयप्पा पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने सुंदर गणेश वंदना नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। स्वागत भाषण में डीपीएस बोकारो के प्राचार्य एवं सहोदय कॉम्प्लेक्स के अध्यक्ष डॉ. ए. एस. गंगवार ने NEP 2020 को भारत की शिक्षा का दूरदर्शी रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि इस नीति को प्रभावी रूप से लागू करने में स्कूल प्रधानाचार्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बाद द पैन्थकोस्टल असेंबली स्कूल के छात्रों ने मनमोहक झारखंडी लोकनृत्य प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया।
मूल्यांकन प्रणाली में आ रहे बदलावों
मुख्य वक्ताओं में डॉ. प्रियदर्शी नायक, प्रो. (डॉ.) सी.बी. शर्मा और डॉ. चिनु अग्रवाल ने शिक्षा सुधार, ओपन-बुक मूल्यांकन प्रणाली, विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और NEP 2020 के संयुक्त क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। श्री अयप्पा पब्लिक स्कूल की प्राचार्या पी. शैलजा जयकुमार द्वारा संचालित पैनल चर्चा में NEP 2020 के माध्यम से देशभर में पाठ्यक्रम, अध्यापन पद्धति और मूल्यांकन प्रणाली में आ रहे बदलावों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में अरविंद कुमार ने छोटे बच्चों के लिए डिजिटल लर्निंग के नवीन तरीकों पर प्रस्तुति भी दी।

