Bokaro: “न्याय के बिना संघर्ष रुकेगा नहीं” – इसी हुंकार के साथ विस्थापित अप्रेंटिस संघ और विस्थापित महाजुटान ने शहीद प्रेम प्रसाद की जयंती पर जाहेरगढ़ में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। इस दौरान शहीद की मां समेत बड़ी संख्या में विस्थापित परिवारों ने पुष्पांजलि अर्पित की और बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन को कड़ा संदेश दिया कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन की ज्वाला और भड़कती रहेगी।
बोकारो प्रबंधन को कड़ा संदेश
सभा में वक्ताओं ने बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक शहीद प्रेम प्रसाद को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विस्थापित नेताओं ने घोषणा की कि सितंबर माह में बोकारो प्लांट के सभी गेट विस्थापितों द्वारा जाम किए जाएंगे।

विस्थापितों की चार मुख्य मांगें
भगवान प्रसाद साहू ने कहा कि विस्थापित समुदाय ने प्रशासन और प्रबंधन के समक्ष अपनी चार प्रमुख मांगें रखीं–
- शहीद प्रेम प्रसाद की प्रतिमा निर्माण के लिए अविलंब 20 डिसमिल जमीन आवंटित की जाए।
- पूर्व की तरह 3rd और 4th ग्रेड की बहाली को चालू किया जाए।
- 1500 विस्थापित अप्रेंटिस को नियोजन दिया जाए।
- 4328 अप्रेंटिस को स्थायी नियुक्ति दी जाए।
विस्थापितों ने कहा कि अगर समय रहते इन मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बोकारो प्रबंधन और प्रशासन की होगी।
बड़ी संख्या में विस्थापितों की मौजूदगी
श्रद्धांजलि सभा में शहीद प्रेम प्रसाद की मां के अलावा भगवान प्रसाद साहू, हसनुल्ला अंसारी, अजय महतो, निर्मल महतो, चंद्रकांत महतो, सहदेव साव, दुर्गाचरण महतो, विक्रम कुशवाहा, गणेश साव, राजकुमार, सुरेंद्र कुमार, संगीता कुमारी, पूनम कुमारी, लक्ष्मी, ललिता, वकील अग्रवाल, मासूम अंसारी, कामरान अंसारी, प्रदीप सोरेन, भुनेश्वर महतो, अमित सिंह, राजकुमार गोराई, विनोद राय समेत बड़ी संख्या में विस्थापित शामिल हुए।
