Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) की गैर-आवासीय भवन (Non-Residential Building) लाइसेंस योजना में विस्थापितों की अनदेखी का आरोप प्रबंधन पर लगना शुरू हो गया है। जनता मजदूर सभा के महासचिव साधु शरण गोप ने नगर सेवा भवन के महाप्रबंधक से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि विस्थापितों को उचित हिस्सेदारी से वंचित किया जा रहा है और इस मामले में उपायुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है।
“प्रबंधन की सोच सामंतवादी” – साधु शरण गोप
साधु शरण गोप ने आरोप लगाया कि बीएसएल (BSL) प्रबंधन विस्थापितों को केवल साइकिल दुकान, घास काटने और सफाई जैसे कामों के योग्य मानता है, जबकि बहुमंजिला गैर-आवासीय भवनों की लाइसेंस योजना में उन्हें अयोग्य करार देता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समीक्षा कर उचित हिस्सेदारी नहीं दी गई तो न्यायालय का सहारा लिया जाएगा।

विस्थापित रैयत संघ ने भी जताया विरोध
इधर, बोकारो विस्थापित रैयत संघ ने भी बीएसएल (BSL) द्वारा 22 अगस्त 2025 को जारी विज्ञापन संख्या NRB/2025 का कड़ा विरोध किया है। महासचिव भगवान प्रसाद साहु ने कहा कि 33 महीनों के लिए स्कूल, अस्पताल और अपना बाजार भवनों की लीज योजना में विस्थापितों को केवल एक हेल्थ सेंटर दिया गया है। उन्होंने इसे पूर्व निर्णय का उल्लंघन बताया, जिसमें 45% आरक्षण सुनिश्चित करने की बात कही गई थी। संघ ने विज्ञापन रद्द कर नया नोटिस निकालने की मांग की है।
25 गैर-आवासीय भवनों की लीज प्रक्रिया शुरू
बीएसएल प्रबंधन ने 25 गैर-आवासीय भवनों को लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऑनलाइन आवेदन 25 अगस्त सुबह 10 बजे से शुरू हुआ और 8 सितंबर की मध्यरात्रि तक किया जा सकता है। आवेदन करने वालों के लिए प्रबंधन ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आरक्षित व सामान्य श्रेणी की अलग व्यवस्था
बीएसएल (BSL) प्रबंधन ने साफ किया है कि आरक्षित श्रेणी के आवेदक, जिनमें विस्थापित, एससी-एसटी शामिल हैं, केवल अपने कोटा वाले भवनों के लिए ही आवेदन करें। यदि वे सामान्य श्रेणी में आवेदन करेंगे तो दोनों आवेदन स्वतः निरस्त कर दिए जाएंगे।
किन भवनों को लीज पर दिया जा रहा है
गैर-आवासीय भवनों की सूची में 19 स्कूल, 3 अपना बाजार, 2 हेल्थ सेंटर और 1 केंद्र शामिल हैं। इन भवनों को 33 महीने के लिए लीज पर दिया जाएगा और स्थिति के अनुसार इसे दो बार और बढ़ाया जा सकता है।
शुल्क और सिक्योरिटी राशि तय
सामान्य श्रेणी के लिए आवेदन शुल्क 10 हजार रुपये, जबकि एससी-एसटी और विस्थापित श्रेणी के लिए 5 हजार रुपये रखा गया है। इसके अलावा 1 लाख रुपये सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। सफल बोलीकर्ताओं की राशि लीज में समायोजित होगी, जबकि असफल आवेदकों को राशि वापस कर दी जाएगी।
पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इसके लिए आवेदक को वैध ई-मेल, मोबाइल नंबर, स्पष्ट स्कैन फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य है। नगर सेवा भवन के मुख्य महाप्रबंधक की देखरेख में पूरी प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
