Bokaro: चास नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंचने लगी है। शुक्रवार को जैसे ही राज्य निर्वाचन आयोग ने आरक्षण सूची जारी की और चास नगर निगम की मेयर सीट को सामान्य श्रेणी घोषित किया गया, वैसे ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। मेयर, डिप्टी मेयर और वार्ड पार्षद पद के दावेदारों ने अपनी-अपनी दावेदारी ठोकनी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस बार चास का मेयर चुनाव बेहद दिलचस्प, बहुकोणीय और कड़े मुकाबले वाला होगा।
मेयर पद के लिए नए-पुराने चेहरे
वर्ष 2015 के नगर निगम चुनाव (Chas Municipal Election) में मैदान में उतरे पुराने चेहरों के साथ इस बार कई नए चेहरे भी चुनावी समर में कूदने की तैयारी में हैं। पिछले नगर निगम चुनाव की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं। उस चुनाव में पूर्व मेयर भोलू पासवान ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी गोपाल मुरारका को 1743 मतों से पराजित कर जीत दर्ज की थी। कुल 42 उम्मीदवारों के बीच हुए मुकाबले में भोलू पासवान को 7705 मत मिले थे, जबकि गोपाल मुरारका ने 5962 मत हासिल किए थे। भाजपा नेत्री परिंदा सिंह 3918 मतों के साथ छठे स्थान पर रहीं, वहीं त्रिमूर्ति ज्वेलर्स के संचालक सुरेश प्रसाद चौथे स्थान पर रहे थे।
पूर्व मेयर भोलू पासवान
इस बार के चुनाव में सबसे पहले पूर्व मेयर भोलू पासवान ने मैदान में उतरने का एलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम वो उम्मीदवार नहीं हैं जो सिर्फ चुनाव के समय चेहरा चमकाएं और फिर गायब हो जाएं। पिछले दस वर्षों में आप किसी से भी पूछ लीजिए, मैं चास की जनता से उतनी ही मजबूती से जुड़ा रहा हूं, जितना मेयर रहते हुए था।”

व्यवसायी गोपाल मुरारका और सुरेश प्रसाद
वहीं गोपाल मुरारका फिलहाल असमंजस की स्थिति में नजर आ रहे हैं। उनसे चुनाव लड़ने को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “अभी कुछ सोचा नहीं है। मेरा नाम अभी उम्मीदवारों की सूची में मत लिखिए।” हालांकि उनके समर्थकों का कहना है कि निर्णय लेने में अभी समय है और आगे परिस्थितियां बदल सकती हैं। इधर सुरेश प्रसाद ने साफ शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि “वह इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे।”
भाजपा पूर्व उपमहापौर अविनाश कुमार, परिंदा सिंह व अन्य
भाजपा (BJP) खेमे में परिंदा सिंह को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। समर्थक उन्हें मेयर पद के लिए आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन उन्होंने अब तक कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया है। बताया जा रहा है कि वह पार्टी के वरीय नेताओं के फैसले का इंतजार कर रही हैं। भाजपा में पूर्व उप महापौर अविनाश कुमार, पूर्व जिप अध्यक्ष मिहिर सिंह, संजय त्यागी, ऋतु रानी सिंह, विक्रम महतो समेत कई अन्य नामों पर भी मंथन चल रहा है।
कांग्रेस मंजूर अंसारी व अन्य
कांग्रेस में भी संभावित प्रत्याशियों की कमी नहीं है। पूर्व जिला अध्यक्ष मंजूर अंसारी का नाम सबसे अधिक चर्चा में है। उन्होंने कहा, “अगर पार्टी हमें मैदान में उतरने का निर्णय लेती है तो हम विचार करेंगे। उससे पहले हम जमीनी कार्यकर्ताओं की राय जानेंगे और फिर अंतिम फैसला लेंगे।” कांग्रेस के अन्य नामों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
झामुमो भी सक्रीय
इधर झामुमो ने भी बीते कुछ महीनों से चास नगर निगम चुनाव को लेकर अपनी सक्रियता काफी बढ़ा दी है। पार्टी के नगर अध्यक्ष मंटू यादव को मेयर पद का इच्छुक माना जा रहा है, हालांकि वह अभी आलाकमान के संकेत का इंतजार कर रहे हैं। पार्टी के अंदर मेयर पद के लिए आलोक सिंह, भगीरथ शर्मा, प्रमोद तापड़िया, संजय केजरीवाल और राकेश सिन्हा सहित कई नामों पर मंथन चल रहा है। झामुमो जिला अध्यक्ष रतन लाल मांझी के अनुसार अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व के स्तर पर ही लिया जाएगा।
डॉक्टर विकास पांडेय
मेयर की दौड़ में दो अन्य नाम भी तेजी से चर्चा में आए हैं। केएम मेमोरियल अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास पांडेय मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। वे एक राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं और शिक्षित, साफ-सुथरी छवि वाले व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं। पूर्व सांसद रविंद्र पांडेय के पुत्र डॉ. पांडेय लंबे समय से चास में रहकर क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक नब्ज को करीब से समझते रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे सेवा भाव के साथ सक्रिय राजनीति में उतरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
विस्थापित नेता साधु शरण गोप
उधर, विस्थापित नेता साधु शरण गोप भी नगर निगम चुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी में हैं। वे वर्तमान सांसद ढुलू महतो के करीबी माने जाते हैं और बीते तीन दशकों से राजनीति में सक्रिय रहे हैं। मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने न तो खुलकर सहमति जताई और न ही इनकार किया है। फिलहाल वे राजनीतिक समीकरणों और संभावनाओं का आकलन करने में जुटे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में और भी कई नाम सामने आ सकते हैं। जानकारों के मुताबिक इस बार मेयर पद की रेस में करीब 50 प्रत्याशियों के उतरने की संभावना है।

