Bokaro: ईरान संघर्ष के बीच एलपीजी आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने बोकारो में पाइप नेचुरल गैस (PNG) की मांग को तेजी से बढ़ा दिया है। लोग अब सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प के रूप में PNG की ओर रुख कर रहे हैं।

तेजी से बढ़े कनेक्शन, रोजाना 30-35 इंस्टॉलेशन का लक्ष्य
Indian Oil Corporation के अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक महीने में करीब 500 नए PNG कनेक्शन जोड़े गए हैं। वर्तमान में प्रतिदिन 30 से 35 कनेक्शन देने का काम जारी है। मंत्रालय के हालिया निर्देश के बाद नए कनेक्शन देने की प्रक्रिया में और तेजी लाई गई है, जहां अगले दो महीनों में कम से कम 1000 नए कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है।
2028 तक 33 हजार कनेक्शन का लक्ष्य
बोकारो में PNG विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जिले में वर्ष 2028 तक 33 हजार कनेक्शन देने का लक्ष्य है। फिलहाल चास, बारी को-ऑपरेटिव और विभिन्न सेक्टर क्षेत्रों में करीब 8500 सक्रिय कनेक्शन हैं। कई इलाकों में पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जा चुका है और अब उपभोक्ताओं को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

युद्ध के डर से बदली लोगों की सोच
पहले PNG को लेकर उदासीन रहने वाले लोग भी अब एलपीजी संकट की आशंका से सक्रिय हो गए हैं। सेक्टर-4 निवासी राजन कुमार ने कहा, “पहले मैंने इस पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन अब हालात को देखते हुए जल्द PNG कनेक्शन लेने की कोशिश कर रहा हूं।”
सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प बना PNG
PNG को LPG के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और किफायती माना जाता है। इसमें पाइपलाइन के जरिए लगातार गैस आपूर्ति होती है और सिलेंडर खत्म होने की परेशानी नहीं रहती। साथ ही, लीकेज की स्थिति में यह तेजी से हवा में फैल जाता है, जिससे खतरा कम होता है।
ऊर्जा गंगा परियोजना से बढ़ा विस्तार
यह विस्तार Pradhan Mantri Urja Ganga Project के तहत किया जा रहा है, जिसके जरिए जमशेदपुर, धनबाद, देवघर, हजारीबाग और बोकारो जैसे शहरों में PNG नेटवर्क का विस्तार हुआ है।

