Bokaro: अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (ADJ) -1 सह विशेष (POCSO) न्यायाधीश, जनार्दन सिंह ने बुधवार को दुष्कर्म के मामले में आरोपी सौतेले-मामा को 30 साल सश्रम कारावास (RI) की सजा सुनाई है। आरोपी ने लॉकडाउन के दौरान अपनी नाबालिग सौतेली भांजी से लगातार दो महीने तक बलात्कार किया। कोर्ट ने आरोपी कमाल अंसारी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक (SPP) एस के झा ने कहा कि इस मामले से सम्बंधित सभी नौ गवाहों को एक्सामिन करने के साथ-साथ कोर्ट ने छह महीने के भीतर सजा सुना दी। उन्होंने बताया कि 17 वर्षीय पीड़िता के साथ यह घटना तब घटी जब मार्च से जून 2020 में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान उसके माता-पिता उत्तर प्रदेश में फंस गए थे।


एसपीपी ने बताया, इस मामले में 19 जून 2020 को चास मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। लेकिन पीड़िता के साथ बलात्कार सिटी थाना अंतर्गत उसके ननिहाल में किया गया। पीड़िता अपनी दो छोटी बहनों के साथ तालाबंदी के दौरान अपने मामा के घर शिफ्ट हो गई थी।
पीड़िता ने शिकायत में कमाल अंसारी पर आरोप लगाते हुए बताया है कि, उसके पिता और सौतेली माँ उसकी शादी के रिश्ते कि बात करने मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) गए थे। उसी दौरान लगे लॉकडाउन में वह वही फंस गए। उनकी अनुपस्थिति में जब उसे और उसके बहनो को भोजन और घर के अन्य चीजों की दिक्क्त होने लगी, तो उसके माता-पिता ने उसके सौतेला-मामा को उन्हें अपने घर ले जाकर देखभाल करने को कहा।
उसके माता-पिता के कहने पर, अंसारी आया और उन्हें अपने घर ले गया जहां उसकी नानी, मामी और उनके बच्चे थे। एसपीपी ने बताया कि “पीड़िता को एक दिन अंसारी अकेला पाकर, उसके कोल्ड ड्रिंक में कुछ मिलाकर पिला दिया। जिसके बाद उसने बलात्कार किया। इसके बाद उसे जब भी मौका मिलता उसके साथ बलात्कार करता। यह सिलसिला दो महीने तक चला। और तब खत्म हुआ जब पीड़िता के माता-पिता किसी प्रकार ट्रक से लिफ्ट लेकर घर वापस लौटे।”
एसपीपी ने बताया कि, “उसके माता-पिता के लौटने के बाद, जब 18 जून को अंसारी पीड़िता को उसकी दो बहनों के साथ उसके घर छोड़ने गया, तो लड़की ने उसी समय अपने पिता को पूरा किस्सा बता दिया। जिसके बाद मामला उजागर हो गया। उसके ग्रामीणों ने अंसारी को पकड़कर पीटा और पुलिस को सौंप दिया।”
