Bokaro: बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) के स्लैबिंग मिल का उत्पादन आज से हमेशा के लिए बंद हो गया। अंतिम इंगोट रोलिंग के समय सभी अधिशासी निदेशक BSL के मौजूद रहे। बोकारो स्टील प्रबंधन द्वारा स्लैबिंग मिल से उत्पादन बंद करने का निर्णय एसएमएस- न्यू के आधुनिकीकरण के पश्चात सीसीएस से उत्पादन आरंभ होने के उपरान्त किया गया.
बोकारो स्टील प्लांट के स्लैबिंग मिल से दिसंबर 1974 में उत्पादन शुरू किया गया था और स्टील मेल्टिंग शॉप में बने 17 टन से लेकर 28 टन तक के इंगोट को स्लैब में परिवर्तित किया जाता था. लगभग 47 वर्षों के अंतराल में इस स्लैबिंग मिल से लगभग 73.8 मिलियन टन इंगोट को रोलिंग किया गया. इस कार्यक्रम का आयोजन मनोज कुमार, जीएम इंचार्ज, स्लैबिंग मिल ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिल कर किया था।

बता दें, एसएमएस- न्यू में सिंगल स्ट्रैंड स्लैब कास्टर जिसकी उत्पादन उत्पादन क्षमता 1.305 मिलियन टन प्रतिवर्ष है तथा यह कास्टर लेवल 2 ऑटोमेशन सिस्टम, स्वचालित टार्च कटिंग मशीन, रोबोटिक पाउडर आधारित अंकन मशीन, कास्टर एयर मिस्ट कूलिंग सिस्टम, स्वचालित चौड़ाई समायोजन सिस्टम, ब्रेकआउट प्रेडिक्शन सिस्टम, बॉटम फीड डमी बार इत्यादि नई तकनीकों से लैस है जिसके माध्यम से 7.5 से 10.5 मीटर लम्बाई के स्लैब का उत्पादन किया जाएगा.
इस सिस्टम के आने से बोकारो स्टील प्लांट से शत प्रतिशत स्टील का उत्पादन सीसीएस रूट से होगा जिससे बीएसएल के उत्पादों की क्वालिटी में बेहतरी तो आयेगी ही उत्पादन के लागत में भी कमी आयेगी.
जुलाई को बीएसएल के स्लैबिंग मिल से अंतिम इंगॉट को अधिशासी निदेशक(परियोजनाएं) आर कुशवाहा, अधिशासी निदेशक(सामग्री प्रबंधन) वी के पाण्डेय, अधिशासी निदेशक(संकार्य) अतनु भौमिक, अधिशासी निदेशक(वित्त एवं लेखा) डी के साहा तथा अधिशासी निदेशक(कार्मिक एवं प्रशासन) समीर स्वरूप की उपस्थिति में रोल किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक, स्लैबिंग मिल के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.
