Bokaro: बोकारो में दिवंगत प्रेम प्रसाद की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में चंपई सोरेन समेत अन्य नेताओं ने विस्थापितों के हक को लेकर सरकार और बीएसएल प्रबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने रोजगार, मुआवजा और न्याय के लिए लंबा आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया।

पहली पुण्यतिथि
शहीद प्रेम प्रसाद मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वावधान में शुक्रवार को सेक्टर-11 में दिवंगत प्रेम प्रसाद की पहली पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में दिवंगत प्रेम प्रसाद की मां गोमती देवी सहित पूरा परिवार मौजूद रहा और इस दिन को स्थापना दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
लाठीचार्ज में हो गई मृत्यु
गौरतलब है कि 3 अप्रैल 2025 को आंदोलन के दौरान CISF के लाठीचार्ज में प्रेम प्रसाद की मृत्यु हो गई थी। उनकी याद में आयोजित इस कार्यक्रम में विस्थापितों के विभिन्न संगठनों के साथ-साथ कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, निरसा विधायक अरूप चटर्जी, डुमरी विधायक जय राम महतो समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूर्व विधायक बिनोद सिंह, पूर्व विधायक लंबोदर महतो, मंटू यादव आदि भी उपस्तिथ थे।

चंपई सोरेन ने
सभा को संबोधित करते हुए चंपई सोरेन ने कंपनी प्रबंधन और सरकार पर विस्थापितों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 64 मौजा और 84 गांव के प्रभावित परिवार आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन न तो उन्हें समुचित रोजगार मिला है और न ही मुआवजा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान अपनी जमीन और हक मांगने गए युवाओं को मौत मिलना बेहद दुखद है।
संघर्ष जारी रहेगा
उन्होंने आगे कहा कि जब तक हर विस्थापित को स्थायी रोजगार नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विस्थापितों के अधिकारों के लिए एकजुट होकर लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।

