अगर आप बोकारो स्टील प्लांट के कर्मचारी या अधिकारी हैं और टाउनशिप में आवंटित क्वार्टर किराए पर दे रखा है, तो सावधान हो जाइए। प्रबंधन सख्त कार्रवाई में जुटा है। पांच कर्मचारियों पर गाज गिर चुकी है और कुछ अधिकारी जांच के घेरे में हैं। आवास आवंटन विभाग फिजिकल वेरिफिकेशन कर रहा है। कोई पैरवी नहीं सुनी जा रही है। बीएसएल ने बाहरी लोगों से भी अपील की है कि ऐसे क्वार्टर तुरंत खाली कर दें।
हाउस अलॉटमेंट विभाग एक्शन मोड में
बोकारो स्टील प्लांट (BSL) का हाउस अलॉटमेंट विभाग इन दिनों पूरी तरह एक्शन मोड में है। प्रबंधन उन सभी आवासों को चिन्हित कर रहा है जिन्हें कर्मचारियों और अधिकारियों को अलॉट किया गया था, लेकिन उन्होंने थोड़े पैसे के लालच में इन्हें किराए पर दे रखा है। अब ऐसे कर्मियों को नोटिस थमाए जा रहे हैं और किरायेदारों को क्वार्टर खाली कराने की कार्रवाई तेज हो गई है।
CBI जांच के बाद बदला प्रबंधन का रुख
कुछ माह पहले हुई CBI जांच के बाद टॉप मैनेजमेंट का रुख बेहद सख्त हो गया है। ईडी वर्क्स प्रिय रंजन और ईडी ह्यूमन रिसोर्स राजश्री बनर्जी ने साफ निर्देश दिया है— “गलत करने वालों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाओ।” आदेश के बाद से BSL अधिकारी कड़क मूड में आ गए हैं। शुरुआत नगर प्रशासन से की गई है ताकि नीचे से कोई पैरवी न हो। अब तक चुन-चुन कर पाँच नॉन-एग्जीक्यूटिव कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है, जिनमें से दो–तीन का तबादला सेलम, चंद्रपुर और माइंस में किया गया है। सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन, नगर प्रशासन के बाद अब एडीएम और फिर प्लांट के भीतर कार्यरत कर्मियों और अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। बीपीएससीएल के कुछ कर्मचारियों को भी चिन्हित किया गया है।
500 क्वार्टर चिन्हित, GM स्तर तक अधिकारी शामिल
कंपनी की मैपिंग से बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार लगभग 500 क्वार्टर किराए पर उठाए जाने की सूचना मिली है। इसमें नॉन-एग्जीक्यूटिव से लेकर GM स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। EF टाइप से लेकर C टाइप क्वार्टर तक बाहरी लोगों को किराए पर दिए गए हैं।

टॉप मैनेजमेंट की सीधी निगरानी
यह अभियान ईडी HR राजश्री बनर्जी, सीजीएम नगर प्रशासन कुंदन कुमार और जीएम आलोक चावला की सीधी निगरानी में चल रहा है। हाउस अलॉटमेंट विभाग के जीएम राजेश कुमार के नेतृत्व में फिजिकल वेरिफिकेशन जारी है। शनिवार तक 20 कर्मचारियों ने क्वार्टर खाली करवा कर सूचना दी, जबकि तीन ने किरायेदारों को हटा कर खुद को कार्रवाई से बचाने की कोशिश की।
प्रबंधन का सख्त संदेश
BSL के चीफ ऑफ कम्युनिकेशन मणिकांत धान ने कहा, “कंपनी क्वार्टर्स को किराए पर देना स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है। इसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो गई है। यह सर्कुलर कर्मचारियों को नियमों के प्रति जागरूक और सतर्क करने के लिए जारी किया गया है। हम चाहते हैं कि कंपनी की संपत्ति का जिम्मेदारी से उपयोग हो।”
यूनियन का सवाल: अधिकारियों पर नरमी क्यों?
इस कार्रवाई ने कर्मचारियों में खलबली मचा दी है। यूनियन लीडर संग्राम सिंह ने नगर प्रशासन के सीजीएम कुंदन कुमार से मिलकर केवल कर्मचारियों पर हो रही सख्ती पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा— “कानून का डंडा सिर्फ कर्मचारियों पर क्यों? अधिकारी गलत होकर भी बच क्यों रहे हैं? ऐसी कार्रवाई पक्षपाती लग रही है।”

