Bokaro: बोकारो एयरपोर्ट (Bokaro Airport) से व्यावसायिक उड़ान सेवा शुरू होने की उम्मीदें एक बार फिर अधर में लटकती नजर आ रही हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और सेल–बोकारो स्टील प्लांट (SAIL-BSL) के बीच 6 जनवरी 2023 को ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) तथा सीएनएस-एटीएम (communication, navigation and monitoring system for air traffic management) को लेकर किया गया समझौता 5 जनवरी 2026 को समाप्त होने जा रहा है।
साढ़े तीन साल पहले प्रधानमंत्री ने की थी घोषणा, जो..
हैरानी की बात यह है कि तीन बार एमओयू (MOU) होने के बावजूद अब तक बोकारो एयरपोर्ट से उड़ान परिचालन शुरू नहीं हो सका है। यह ध्यान देने वाली बात है कि बोकारो एयरपोर्ट और देवघर एयरपोर्ट की नींव छह महीने के अंतराल में रखी गई थी। जबकि देवघर एयरपोर्ट से फ्लाइट्स पहले ही शुरू हो चुकी हैं, बोकारो में काम अभी भी अधूरा है। 12 जुलाई, 2022 को देवघर एयरपोर्ट के उद्घाटन के दौरान, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने घोषणा की थी कि बोकारो एयरपोर्ट से जल्द ही फ्लाइट ऑपरेशन शुरू होंगे, यह घोषणा साढ़े तीन साल बाद भी पूरी नहीं हुई है।
पहला समझौता मार्च 2018 और दूसरा…
जानकारी के अनुसार, बोकारो एयरपोर्ट (Bokaro Airport) के लिए पहला एमओयू 18 मार्च को किया गया था। इसके बाद दूसरा समझौता मार्च 2021 में हुआ, जो तीन साल बाद समाप्त हो गया। तीसरा और वर्तमान एमओयू 6 जनवरी 2023 को एएआई और सेल-बीएसएल के बीच तीन वर्षों के लिए हस्ताक्षरित किया गया था। इस समझौते के तहत बोकारो एयरपोर्ट के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एएआई (AAI) को सौंपी गई, जबकि सीएनएस-एटीएम (CNS -ATM) सेवाएं उपलब्ध कराने का दायित्व भी एएआई के पास है।

अभी तक ऑब्स्टैकल्स का समाधान…
उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर 2022 को एएआई की दिल्ली टीम द्वारा बोकारो एयरपोर्ट का अंतिम ऑब्स्टेकल लिमिटेशन सर्वे (OLS) भी पूरा कर लिया गया था, लेकिन सर्वे में चिह्नित बाधाओं में से कई का समाधान अब तक नहीं हो सका है। इनमें एयरपोर्ट के समीप स्थित बूचड़खानों को हटाना और सतनपुर पहाड़ी पर टावर लाइट की समस्या प्रमुख है। साथ ही कई सुधार अभी भी किये जा रहे है। इन अड़चनों के कारण अब तक बोकारो से उड़ान सेवा शुरू होने का सपना साकार नहीं हो पाया है।

