Bokaro: इस्पातनगरी बोकारो से निकला एक और प्रतिभाशाली सितारा राष्ट्रीय फलक पर चमका। विधि (लॉ) की पढ़ाई के क्षेत्र में उत्कृष्ट सफलता के लिए बोकारो के रहनेवाले तथागत ठाकुर को नागपुर में शुक्रवार को सम्मानित किया गया। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के 113वें दीक्षांत समारोह के दौरान बाबा साहेब अम्बेडकर महाविद्यालय दीक्षाभूमि के मेधावी छात्र तथागत ठाकुर एलएलबी (तीन वर्षीय पाठ्यक्रम) परीक्षा में सर्वाधिक अंक हासिल करने हेतु कुल पांच स्वर्ण पदकों से सम्मानित किए गए। नेशनल फायर सर्विस कॉलेज राजनगर, नागपुर के सभागार में आयोजित समारोह के दौरान मुख्य अतिथि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नागपुर के अध्यक्ष कुलपति डॉ. अनंत पांढरे के हाथों तथागत को सम्मानित किया गया। समारोह में वर्ष 2024 और 2025 में आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को दर्जनों राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शिक्षाविदों की मौजूदगी में सम्मानित किया गया।
बचपन से ही कानूनी पढ़ाई में थी रुचि
विदित हो कि तथागत ठाकुर बोकारो के सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता, भाजपा नेता, मैथिली कला मंच काली पूजा ट्रस्ट, बोकारो के महामंत्री एवं मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के संयुक्त सचिव सुनील मोहन ठाकुर एवं स्व. सुनयना ठाकुर के कनिष्ठ पुत्र हैं। अत्यंत मृदु एवं सुशील स्वभाव के धनी तथागत को बचपन से ही कानून की पढ़ाई में रुचि थी। इसमें उसके पिता ने भरपूर सहयोग किया। तथागत ने जी-तोड़ मेहनत कर पढ़ाई की और अपनी काबिलियत के बूते पूरे विश्वविद्यालय में टॉपर होने का भी गौरव हासिल किया। साथ ही, एलएलबी (विधि स्नातक) में सर्वाधिक अंक के साथ पांच स्वर्ण पदक अपनी झोली में किए।
पीड़ितों को कानूनी न्याय दिलाना ही मकसद
वर्ष 2018 में संत जेवियर्स स्कूल, बोकारो से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद तथागत ने सिटी कॉलेज, कोलकाता से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री ली। इसके बाद लॉ की पढ़ाई शुरू की। गुरुवार को ही ऑल इंडिया बार कॉन्सिल का की परीक्षा उत्तीर्ण कर वह पूर्ण रूप से अधिवक्ता बन गया। तथागत का मानना है कि जरूरतमंद और पीड़ितों को कानूनी न्याय दिलाना ही उसने अपने जीवन का मकसद बनाया है। इसी उद्देश्य से वह विधि क्षेत्र में अपना करियर और संवारना चाहता है। उसकी इस सफलता पर बोकारो में उसके परिजनों, मिथिला समाज के लोगों एवं अन्य शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उसे बधाई दी। साथ ही, उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


