Bokaro: कोरोना के मरीजों के लिए “मिशन ऑक्सीजन” में लगाए जायेंगे विमान। उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन संकट को ध्यान में रखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार बोकारो में खाली ऑक्सीजन सिलिंडर को एयरलिफ्ट करेगी और वहां से उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए रेल मार्ग के माध्यम से रिफिल किए गए ऑक्सीजन सिलिंडर को वापस लाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार वाराणसी से बोकारो ऑक्सीजन लेन फिर एक ट्रैन भेजा गया है, जिसकी रात में पहुंचने कि सम्भावना है।
बता दे, बोकारो से शुक्रवार दोपहर को तीन टैंकरों में करीब 50 टन ऑक्सीजन भरकर ऑक्सीजन एक्सप्रेस लखनऊ रवाना हुई थी जो आज शनिवार को पहुंच गई है। इस बीच जरुरत को देखते हुए एक ऑक्सीजन टैंकर को वाराणसी में भी उतारा गया है। बताया जा रहा है कि पिछले 25 दिनों में बोकारो स्टील प्लांट से करीब 230 टन तरल ऑक्सीजन सड़क मार्ग से यूपी को भेजा गया था। अप्रैल के इस महीने में, अकेले बीएसएल ने सड़क परिवहन के द्वारा झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश को 760 टन तरल ऑक्सीजन कि आपूर्ति की है।

चीफ ऑफ़ कम्युनिकेशन, बीएसएसल, मणिकांत धान ने कहा कि ऑक्सीजन लेने के लिए वाराणसी से ट्रैन आने कि सुचना है। पर अभी तक एयरलिफ्ट हो टैंकर आने कि कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। बीएसएल का ऑक्सीजन संयंत्र प्रति दिन 150 टन तरल ऑक्सीजन का उत्पादन करता है। इस कोरोना के संकट काल में सेल-बीएसएल मरीजों के लिए पुरे देश में ऑक्सीजन आपूर्ति करने के लिए ततपर है।
एएआई के रांची और बोकारो के अधिकारियों के अनुसार टीवी में यह खबर चल रही है, पर एयरलिफ्ट को लेकर में अभी तक कोई भी औपचारिक संवाद उन तक नहीं पहुंची है।
