Bokaro: झामुमो-कांग्रेस की वर्तमान गठबंधन सरकार द्वारा आज पेश किया गया बजट हवा-हवाई निकला। गजब तो तब हो गया जब गठबंधन सरकार ने, भारत सरकार की योजनाओ का नाम बदलकर अपना क्रेडिट लेते हुए राज्य में लागू कर दिया। जैसे की – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी आयुष्मान भारत योजना का नाम चुराकर, आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जनारोग योजना के नाम से झारखण्ड में लागु कर दिया। उक्त बातें भाजपा के मुख्य सचेतक और बोकारो विधायक बिरंची नारायण ने बुधवार को सरकार द्वारा बजट पेश किये जाने के बाद उसपर प्रतिक्रिया देती हुई कही।
राज्य सरकार के इस बजट से बोकारो को कुछ भी नहीं मिला। ज़िले में सिर्फ गोमिया विधानसभा के लुग्गु बुरु को पर्यटन स्थल ले रूप में विकसित करने की बात कही गई। जो की पिछले रघुबर सरकार ने पहले ही घोषित कर रखा है। विधायक ने कहा की बोकारो के लिए अमृत योजना की चर्चा बजट भाषण में राज्य के वित्तमंत्री ने की, पर वह भी भारत सरकार द्वारा पहले से लांच किये गए चास अमृत योजना का ही अंश है। उन्होंने कहा की जब वर्तमान गठबंधन सरकार पिछले वर्ष 2020-21 की बजट योजनाओं और वादों को ही पूर्ण नहीं कर पाई है तो फिर इस बार ₹4900 करोड़ रुपये बढ़ाकर दोबारा निराशाजनक बजट पेश करने का कोई औचित्य नहीं है।

वर्तमान बजट पूर्ण रूप से झूठ का पुलिंदा है। वर्तमान सरकार पिछले बजट के 1% भी योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं कर पाई है, उदाहरणस्वरूप हर पंचायत में 5-5 चापाकल लगाने की बात कही थी, जो कि एक भी पंचायत में नहीं लगाई गई है, उसी प्रकार कृषि ऋण की माफी, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता तथा दर्जनों ऐसे कार्य हैं जो सरकार को मुंह चिढ़ा रहे है। वर्तमान बजट में स्थानीय झारखंडी भाई को प्रवासी मजदूर कह कर संबोधित करना उन भाइयों के मुंह पर तमाचा के समान है। भारत सरकार की योजनाओं का नाम बदलकर वर्तमान सरकार अपना पीठ थपथपाने का काम कर रही है। झारखंड की जनता सब देख रही है और समय आने पर सरकार को माकूल जवाब देगी। इस बजट में सरकार ने ऋण लेने की क्षमता को बढ़ाते हुए झारखंड के लोगों पर ऋण के भार को बढ़ा दिया है।
