Bokaro: बोकारो स्टील कारखाना के निर्माण में अपना पुश्तैनी जमीन बोकारो के विस्थापितों ने दिया है और आज बोकारो स्टील प्लांट विस्थापितों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है । प्रबंधन विस्थापितों के साथ शोषण कर रहा है । इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे । यह कहना है पूर्व मंत्री उमाकांत का । उक्त बातें अपने सेक्टर 9 स्थित आवास में उपस्थित विभिन्न विस्थापित संगठनों के सदस्यों को संबोधित करते हुए कही।
बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक बाटुल महतो ने कहा कि विस्थापितों को उनकी जमीन प्रबंधन को वापस करना होगा । विस्थापित अब एक इंच जमीन पर बोकारो इस्पात प्रबंधन को व्यवसायीकरण करने नहीं देगा । रोहित लाल सिंह ने कहा कि हम सब विस्थापित एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे । फूलचंद महतो ने कहा कि बोकारो इस्पात प्रबंधन की गलत नीति के कारण विस्थापित आज दर दर पर ठोकर खाने को विवश हैं ।

अध्यक्षता हसनुल्ला अंसारी और संचालन सहदेव साव ने किया । इसके पूर्व उपस्थित सभी विभिन्न विस्थापित संगठनों के अध्यक्षों ने अपने-अपने विचार रखे । सभी ने एक स्वर में सात सूत्री मांगों को लेकर उमाकांत रजक के नेतृत्व में एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लड़ने पर सहमति जताई ।
19 विस्थापित गांवों को पंचायत का दर्जा देने, खाली पड़े जमीन को मूल रैयतों को वापस करने, चतुर्थ वर्ग की नौकरी एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त विस्थापित युवको को सीधी नियुक्ति करने, विस्थापितों की स्मृति में विस्थापित भवन का निर्माण करने, विस्थापित परिवारों को संख्या के आधार पर जमीन आबंटन करने, वर्तमान बाजार मूल्य पर विस्थापितों को मुआवजा भुगतान करने सहित मांग शामिल है ।
एहसान जानी, शंकर गोप, अलीमुद्दीन अंसारी, धीरेन्द्र गोस्वामी, रघुनाथ महतो, छोटू सिंह, नवीन मिश्रा, उमेश महतो, मदन महतो, सरोज कुमार, अरूण महतो, इरफान अंसारी, भगवान साहू, भैरव महतो, मुन्ना झा, तापेश महतो, सचिन महतो, अलाउद्दीन अंसारी, रीतवरन सोरेन, बासुदेव महतो, सतीश हेम्ब्रम, हक बाबू, हाकिम महतो आदि उपस्थित थे ।
