Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) प्रबंधन नए साल में कंपनी के आवासों को अवैध रूप से किराये पर देने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ एक बार फिर सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। एक बार फिर, बीएसएल का हाउस अलॉटमेंट विभाग ऐसे सभी क्वार्टरों की पहचान कर रहा है, जो कर्मचारियों और अधिकारियों के नाम पर आवंटित हैं, लेकिन उन्हें नियमों की अनदेखी करते हुए किराये पर दे दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, अगस्त-सितंबर माह में इस तरह के मामलों पर नोटिस जारी किए गए थे, जिसके बाद कई कर्मचारियों ने क्वार्टर खाली कर प्रबंधन को सौंप भी दिए थे। हालांकि, अभियान बीच में धीमा पड़ गया था, जिसे अब नए साल में दोबारा तेज करने की चर्चा है। नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मियों और अधिकारियों पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। नगर सेवा विभाग की टीम सीजीएम कुंदन कुमार और जेनरल मैनेजर (GM) अलोक चावला के नेतृत्व में ऐसे मामलों की सूची तैयार करने में लग गया हैं। See File Video-
बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की शुरुआत पहले नगर प्रशासन से जुड़े उन कर्मियों और अधिकारियों से की गई थी, जिन्होंने अपने आवास किराये पर चढ़ा रखे थे। पहले चरण में पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है, जबकि कुछ अधिकारी अब भी जांच के दायरे में हैं। अब हाउस अलॉटमेंट विभाग फिजिकल वेरिफिकेशन के आधार पर आगे की कार्रवाई की योजना बना रहा है।

गौरतलब है कि जून माह में कंपनी आवास को किराये पर देने के एक मामले में सीबीआई जांच के बाद टॉप मैनेजमेंट का रुख और सख्त हो गया था। उस दौरान 107 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस भेजे गए थे और 30 से ज्यादा क्वार्टर खाली कराए गए थे। इसके आलावा कई लोगों ने आवेदन देकर बताया था कि उनके क्वार्टर में अब कोई किरायेदार नहीं है, वहीं कुछ ने समय की मांग भी की थी।
सूत्रों का कहना है कि अब प्रबंधन दोबारा एक्शन मोड में है और इस बार प्लांट के भीतर कार्यरत कर्मियों व अधिकारियों पर भी एक्शन होगा। बीपीएससीएल के कुछ कर्मचारियों पर भी बीएसएल प्रबंधन की नजर है। इस साल की शुरुआत में कराई गई मैपिंग में यह खुलासा हुआ था कि लगभग 500 क्वार्टर गैरकानूनी रूप से किराये पर दिए गए हैं, जिनमें नॉन-एग्जीक्यूटिव से लेकर जीएम स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं।
बीएसएल के चीफ ऑफ कम्युनिकेशन मणिकांत धान ने स्पष्ट किया कि कंपनी के क्वार्टरों को किराये पर देना नियमों का सीधा उल्लंघन है और इसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, नए साल में अवैध कब्जे वाले आवासों को मुक्त कराने की भी ठोस रणनीति पर काम किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, लगभग ढाई से तीन हजार क्वार्टर अतिक्रमण की चपेट में हैं। डायरेक्टर इंचार्ज प्रिय रंजन के जीरो टॉलरेंस रुख के चलते बीएसएल प्रबंधन का तेवर सख्त होता नजर आ रहा है।

