Bokaro: जिले में डीजल-पेट्रोल चोरी का खेल खुलेआम चल रहा है और पुलिस की चुप्पी अब सवालों के घेरे में है। राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई थाना क्षेत्रों में टैंकरों से ईंधन की सरेआम चोरी हो रही है। सप्लाई के लिए निकले टैंकर रास्ते में ही निशाना बन रहे हैं और चंद मिनटों में हजारों लीटर डीजल-पेट्रोल गायब कर दिया जा रहा है।
बालीडीह, पिंड्राजोरा, चास और चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र इस अवैध धंधे के केंद्र बन चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, टैंकर चालक और खलासी की मिलीभगत से 500 से 1000 लीटर तक डीजल-पेट्रोल (Diesel-Petrol) निकाला जाता है। चोरी किए गए डीजल-पेट्रोल को 50 से 60 रुपये प्रति लीटर में बेचा जाता है, जिससे एक खेप में ही 50 से 60 हजार रुपये की अवैध कमाई होती है। बाद में यही मिलावटी ईंधन (fuel) दुकानों और ट्रक चालकों को 70 से 80 रुपये में थमा दिया जाता है।
यह पूरा खेल महज 10 से 20 मिनट में हो जाता है। सील खोलने के लिए विशेष चाभी, पाइप और रिलीज आउटलेट का इस्तेमाल किया जाता है। चोरी के बाद टैंकर में एथेनॉल, केरोसिन, थिनर या अन्य केमिकल मिलाकर मात्रा पूरी कर दी जाती है, जिससे इंजन खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।

चिंताजनक तथ्य यह है कि बालीडीह थाना क्षेत्र में ही भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) का बड़ा डिपो स्थित है, जहां से झारखंड समेत आसपास के राज्यों में सैकड़ों टैंकरों से सप्लाई होती है। इसके बावजूद इस संगठित गिरोह पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। सवाल साफ है, क्या पुलिस इस संगठित ईंधन माफिया पर नकेल कसने की हिम्मत दिखाएगी या यह अवैध कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा ?
इस संबंध में जैसे ही संबंधित पुलिस अधिकारी का आधिकारिक बयान प्राप्त होगा, उसे समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
Sources – dainik bhaskar https://dainik.bhaskar.com/vWkogmDNLZb -9,January Edition

