Bokaro: संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस महानिरीक्षक (IG), उत्तरी छोटानागपुर प्रक्षेत्र, बोकारो की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुई, जिसमें प्रक्षेत्र के सभी क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक सहित कई कनीय पुलिस अधिकारी शामिल हुए।

तस्करी, साइबर अपराध जैसे
कार्यशाला में नक्सल कांड, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध जैसे संगठित अपराधों में संलिप्त अपराधियों द्वारा अर्जित अवैध संपत्ति यानी अपराध के आगम को बीएनएसएस की धारा-107 के तहत जप्त एवं कुर्क किए जाने को लेकर एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई। इस दौरान उपस्थित सभी पुलिस पदाधिकारियों को अपराध के आगम को जप्त या कुर्क करने से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।
संबंधित न्यायालय से समन्वय स्थापित
पुलिस महानिरीक्षक ने अपराध के आगम की परिभाषा स्पष्ट करते हुए बताया कि किस प्रकार उसका आकलन किया जाए और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए संबंधित न्यायालय से समन्वय स्थापित किया जाए। साथ ही, विभिन्न पत्राचार के प्रारूपों, आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी एवं सुदृढ़ दस्तावेजीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया।

विशेष अनुसंधान टीम का गठन करने
कार्यशाला में यह भी निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों में मुख्य अनुसंधानकर्ता के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया जाए तथा सहायक अनुसंधानकर्ताओं को उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के संबंध में स्पष्ट रूप से ब्रीफ किया जाए, ताकि कार्रवाई प्रभावी और समयबद्ध हो सके।
दुर्दांत अपराधी के विरुद्ध
अंत में सभी जिलों को निर्देशित किया गया कि वे कम से कम एक दुर्दांत अपराधी के विरुद्ध बीएनएसएस की धारा-107 के तहत संपत्ति जप्ती की नियमानुकूल कार्रवाई सुनिश्चित करें। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई से संगठित अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने में मदद मिलेगी और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।


