Bokaro: वित्तीय अनुशासन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने मंगलवार को बोकारो कोषागार का औचक निरीक्षण किया, जिसके बाद दो सहायक लेखापालों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया।

औचक निरीक्षण में खुली खामियां
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कोषागार की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। इस दौरान वेतन मद में करीब 3.15 करोड़ रुपये की संदिग्ध निकासी से जुड़े मामले में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली गई। जांच के दौरान कई प्रक्रियात्मक खामियां सामने आईं, जिस पर डीसी ने नाराजगी जताई।
दो सहायक लेखापालों पर गिरी गाज
निरीक्षण के बाद सहायक लेखापाल शैलेंद्र सिंह चौधरी और चंदन कुमार रजक को उनके पद से हटा दिया गया। उनकी जगह सामाजिक सुरक्षा कार्यालय से अंगद कुमार और जिला भू-अर्जन कार्यालय से खगेन दास को प्रतिनियुक्त किया गया है।

डीडीओ को सख्त निर्देश
इससे पहले समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में उपायुक्त ने सभी डीडीओ को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की गलत निकासी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2023-24 से 2025-26) की निकासी की जांच कर प्रमाणपत्र देने को कहा गया है।
पारदर्शिता पर जोर, सख्ती के संकेत
उपायुक्त ने कहा कि सभी विभाग वित्तीय नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। बिल प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और निगरानी को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

