Bokaro: शहर के हंस रीजेंसी में चिकित्सा क्षेत्र की नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों को लेकर एक जीवंत माहौल देखने को मिला। इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल, नई दिल्ली के सहयोग से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), बोकारो स्टील सिटी द्वारा आयोजित इस सीएमई (CME) कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने भाग लेकर ज्ञान का आदान-प्रदान किया।

ऑस्टियोपोरोसिस प्रबंधन पर विशेषज्ञ की सलाह
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “ऑस्टियोपोरोसिस का प्रबंधन” विषय रहा। वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. अभिषेक वैष ने सरल भाषा में इस बीमारी के कारण, लक्षण और आधुनिक उपचार के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण हड्डियों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, इसलिए समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है।
रोबोटिक सर्जरी ने बदली इलाज की तस्वीर
रोबोटिक सर्जरी जैसे अत्याधुनिक विषय पर डॉ. प्रो. पवनिंद्र लाल ने अपने 31 वर्षों के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि न्यूनतम चीरा तकनीक और रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से ऑपरेशन अब अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी हो गए हैं, जिससे मरीजों को कम दर्द और जल्दी रिकवरी का लाभ मिलता है।

अनुभवी सर्जन को मिला राष्ट्रीय सम्मान
डॉ. पवनिंद्र लाल, जिन्हें वर्ष 2016 में प्रतिष्ठित डॉ. बी.सी. रॉय राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, ने अपने चिकित्सा अनुभव और शोध कार्यों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित चिकित्सकों ने इसे ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहने की आवश्यकता जताई।

