A viral video from Chira Chas police station in Bokaro has triggered controversy, exposing alleged police negligence. Following an inquiry, the station in-charge and two other officers have been suspended with immediate effect.
Bokaro: सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने चीराचास थाना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने तत्काल जांच के आदेश दिए, जिसके बाद तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला ?
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 5 मई 2026 को चीराचास थाना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में पुलिस की कार्यशैली को लेकर आरोप लगाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए चास के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) को जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया।

जांच में क्या सामने आया ?
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 4 मई 2026 की शाम करीब 7:30 बजे चीराचास थाना के पास वीणा रीजेंसी के सामने हर्ष पांडेय और उनके सहयोगियों द्वारा आरिफ अंसारी के साथ मारपीट की गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरिफ अंसारी को घायल अवस्था में पाया।
पुलिस की लापरवाही उजागर
रिपोर्ट में यह साफ तौर पर कहा गया कि घायल को तुरंत अस्पताल ले जाना पुलिस का कर्तव्य था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बजाय उसे थाना लाकर हाजत में डाल दिया गया। इस लापरवाही को न केवल अनुचित बल्कि पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला बताया गया।
अनुशासनहीनता भी आई सामने
वायरल वीडियो में यह भी देखा गया कि सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार मंडल थाना कार्यालय में अनुचित परिधान में मौजूद थे। यह स्थिति थाना प्रभारी की निगरानी और नियंत्रण की कमी को दर्शाती है।
तीनों पुलिसकर्मी सस्पेंड
पूरे मामले में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप सही पाए जाने के बाद थाना प्रभारी पुष्पराज कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक राजेश कुमार और सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार मंडल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सभी को सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर रखा गया है।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो ने न केवल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को लेकर भी बहस छेड़ दी है।

