A worker at an ONGC gas plant in Bokaro died under suspicious circumstances, triggering protests by family members who placed the body inside the plant and halted operations. After hours of unrest, authorities reached a settlement including compensation and a job for the deceased’s wife.
Bokaro: चंदनकियारी स्थित ONGC गैस प्लांट में कार्यरत युवक अनुप कुमार दशौंधी (34) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से मंगलवार को प्लांट परिसर में जमकर बवाल हुआ। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को प्लांट में रखकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया।

5 महीने पहले हुई थी शादी, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक अनुप कुमार दशौंधी प्लांट में ठेका कंपनी के अंदर मेकेनिकल फीटर के पद पर कार्यरत था। उसकी शादी महज पांच महीने पहले हुई थी और वह परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। अचानक हुई इस संदिग्ध मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

अधिकारियों के साथ हुई वार्ता, घंटों चला गतिरोध
घटना की सूचना मिलते ही लेबर सुपरिटेंडेंट, चंदनकियारी सीओ और ONGC के अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों के साथ लंबी वार्ता के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। इस दौरान प्लांट का कार्य कई घंटों तक ठप रहा।
मुआवजा और नौकरी पर बनी सहमति
बताया जा रहा है कि वार्ता के दौरान मृतक के आश्रितों को मुआवजा और सहायता देने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। समझौते के अनुसार, मृतक के भाई बृजेश कुमार के खाते में तत्काल एक लाख रुपये की सहायता राशि ठेकेदार द्वारा दी जाएगी, जबकि एक लाख रुपये की अतिरिक्त राशि 25 दिनों के भीतर मृतक की पत्नी हीना कुमारी के खाते में जमा की जाएगी।
पत्नी को नौकरी, 25 लाख मुआवजा देने का फैसला
बताया जा रहा है कि इसके अलावा ONGC द्वारा 30 दिनों के भीतर 25 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी है। मृतक की पत्नी को 6 मई 2026 से ठेकेदार के अधीन नौकरी देने का भी निर्णय लिया गया है, जो 60 वर्ष की आयु तक जारी रहेगी। यदि पत्नी नौकरी करने में असमर्थ रहती हैं, तो परिवार के अन्य सदस्य को रोजगार देने का विकल्प रखा गया है।
अन्य लाभ भी मिलेंगे
बताया जा रहा है कि समझौते के तहत श्रम कानूनों के अनुरूप ग्रेच्युटी, अवकाश नगदीकरण और बोनस सहित अन्य सभी देय लाभ भी मृतक के परिवार को प्रदान किए जाएंगे। यह समझौता जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, ग्रामीणों, पीड़ित परिवार और ONGC अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। ONGC के अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई पर उन्होंने बात नहीं की।

