यूँ जो कभी भी चार गाड़ी लेकर BSL की टीम अतिक्रमण हटाने पहुँच जाती है, उस पर जिला प्रशासन ने बीएसएल प्रबंधन को पत्र लिखकर पहले सूचना देने की बात कही है। जिला प्रशासन का इस तरह का पत्र पहली बार बीएसएल प्रबंधन को मिला है, जिसके बाद सार्वजनिक स्थलों, बाजार, सड़कों आदि जगहों पर अतिक्रमण हटाने के पूर्व जिला प्रशासन को सूचना देने की बाध्यता बीएसएल पर बढ़ गई है।
Bokaro: जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त अजय नाथ झा (भा०प्र०से०) ने बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) प्रबंधन द्वारा हाल ही में की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी सामूहिक क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने से पहले अनुमंडल पदाधिकारी और पुलिस प्रशासन की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है।

सेक्टर-12ए में कार्रवाई के दौरान उत्पन्न हुआ विवाद
जिला प्रशासन द्वारा जारी पत्र के अनुसार 09 मई 2026 को सेक्टर-12/ए स्थित आवास संख्या 1397 से 1408 के सामने खाली भूखंड पर किए जा रहे अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई बीएसएल प्रबंधन द्वारा की गई थी। यह क्षेत्र बोकारो हवाई अड्डे के दक्षिणी बाउंड्रीवाल से सटा हुआ बताया गया है। आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी या पुलिस प्रशासन को पहले से सूचना नहीं दी गई, जिससे मौके पर विधि-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई।
प्रशासनिक समन्वय की कमी पर उठे सवाल
जिला दंडाधिकारी के दिए गए पत्र में कहा गया है कि – बिना समुचित सूचना और समन्वय के की गई इस कार्रवाई से न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई बल्कि जिला प्रशासन और बीएसएल प्रबंधन की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इस तरह की घटनाएं भविष्य में गंभीर प्रशासनिक असंतुलन पैदा कर सकती हैं।

पूर्व अनुमति के बिना कार्रवाई पर रोक के निर्देश
उपायुक्त अजय नाथ झा ने बीएसएल निदेशक प्रभारी को स्पष्ट रूप से कहा है कि भविष्य में यदि किसी भी सामूहिक क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता हो तो पहले अनुमंडल पदाधिकारी, चास और पुलिस प्रशासन को सूचित किया जाए। इसके बाद ही दंडाधिकारी और पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पदाधिकारी को भेजी गई
इस निर्देश की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक बोकारो और अनुमंडल पदाधिकारी चास को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि नियमों के उल्लंघन पर आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

