Bokaro: शिक्षा नगरी बोकारो ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो के पूर्व छात्र डॉ. विजय मनोहर ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित INI-SS (Institute of National Importance Super Speciality) 2026 परीक्षा में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर शहर और राज्य का नाम रोशन किया है।

डॉ. विजय ने MCH रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी की अखिल भारतीय परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर यह ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। इस कोर्स के लिए देशभर में केवल एक सीट पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में उपलब्ध थी, जिसे उन्होंने शीर्ष स्थान प्राप्त कर अपने नाम कर लिया। अब वे अगले तीन वर्षों तक किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी के क्षेत्र में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
कोरोनाकाल बना जीवन का टर्निंग पॉइंट
डॉ. विजय मनोहर ने बताया कि कोविड-19 महामारी का दौर उनके जीवन के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ। उस समय बोकारो में रहते हुए उन्होंने नजदीक से स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों और मरीजों की पीड़ा को देखा, जिसने उन्हें चिकित्सा क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि उसी समय उन्होंने मानव सेवा को अपना लक्ष्य बनाने का संकल्प लिया और मेडिकल क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने की दिशा में पूरी लगन से मेहनत शुरू की, जिसका परिणाम आज देश की सर्वोच्च रैंक के रूप में सामने आया है।

विद्यालय परिवार में खुशी की लहर, प्राचार्य ने दी बधाई
डॉ. विजय की इस उपलब्धि पर डीपीएस बोकारो परिवार में हर्ष का माहौल है। प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यालय के समग्र शैक्षणिक वातावरण, शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि डीपीएस बोकारो हमेशा से विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करता रहा है। डॉ. विजय जैसे पूर्व छात्र विद्यालय के लिए गौरव का विषय हैं, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
चेनाब हाउस के छात्र रहे, स्कूल को बताया सफलता की नींव
डॉ. विजय मनोहर डीपीएस बोकारो के चेनाब हाउस के मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में मिला प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण, शिक्षकों का मार्गदर्शन और मित्रों का सहयोग उनके जीवन की सफलता की मजबूत नींव बना। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों के साथ-साथ माता-पिता, बड़ी बहन और मित्रों को दिया। उन्होंने बताया कि विद्यालय ने उन्हें न केवल शिक्षा दी बल्कि बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास भी दिया।
शानदार शैक्षणिक सफर: 10वीं से सुपर स्पेशियलिटी तक
डॉ. विजय ने वर्ष 2012 में 10वीं कक्षा में 10 CGPA प्राप्त किया था, जबकि 2014 में 12वीं कक्षा में 88 प्रतिशत अंक हासिल किए। बचपन से ही मेडिकल क्षेत्र में रुचि रखने वाले विजय ने बायोलॉजी विषय को अपनी प्राथमिकता बनाई। उन्होंने वर्ष 2019 में रिम्स (RIMS) से MBBS की डिग्री प्राप्त की और 2025 में दिल्ली स्थित जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल से जनरल सर्जरी में DNB पूरा किया। अब वे सुपर स्पेशियलिटी स्तर पर किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी में विशेषज्ञता हासिल कर रहे हैं।
परिवार का गर्व बने डॉ. विजय
चीराचास स्थित वास्तु विहार फेज-2 के निवासी डॉ. विजय के पिता श्रीनिवास राव सेवानिवृत्त इस्पातकर्मी हैं, जबकि माता अनुराधा गृहिणी हैं। पिता ने बताया कि विजय बचपन से ही अत्यंत मेधावी रहे हैं और उनकी मेहनत शुरू से ही असाधारण रही है। उन्होंने कहा कि 12वीं कक्षा में बायोलॉजी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते वह देश के शीर्ष 0.1 प्रतिशत मेधावी विद्यार्थियों में शामिल हुए थे।
बोकारो के लिए प्रेरणा बना सफलता का यह सफर
डॉ. विजय मनोहर की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और विद्यालय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे बोकारो के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि कठिन परिश्रम, समर्पण और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

