Bokaro: सिटी थाना क्षेत्र के लेक रोड पर बुधवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने डीपीएस बोकारो परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। दो कारों के बीच हुई भीषण टक्कर में दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो की वरिष्ठ कर्मचारी एवं स्वास्थ्य विभाग की कर्मी बबीता कुमारी (51) की मौत हो गई। वहीं उनके पति मनोज कुमार, जो इस्पातकर्मी हैं, तथा पुत्री विशाखा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का इलाज बोकारो जनरल अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।

विद्यालय परिवार के लिए अपूरणीय क्षति
बबीता कुमारी डीपीएस बोकारो के स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से कार्यरत थीं। उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही विद्यालय परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बबीता कुमारी अत्यंत मृदुभाषी, कर्मनिष्ठ और समर्पित कर्मचारी थीं। उन्होंने विद्यालय और विद्यार्थियों के हित में जो योगदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरा डीपीएस परिवार पीड़ित परिजनों के साथ खड़ा है।
लेक रोड पर हुआ भीषण हादसा
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात बबीता कुमारी अपने पति और पुत्री के साथ कार से घर लौट रही थीं। राम मंदिर की ओर से लेक रोड पार कर उनकी कार जैसे ही सेक्टर-3 की ओर मुड़ी, उसी दौरान सेक्टर-9 से राम मंदिर की दिशा में आ रही तेज रफ्तार अर्टिगा कार ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अर्टिगा कार काफी तेज गति से चल रही थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को बोकारो जनरल अस्पताल पहुंचाया गया। गुरुवार सुबह उपचार के दौरान बबीता कुमारी ने दम तोड़ दिया।
बच्चों के बीच थीं बेहद लोकप्रिय
बबीता कुमारी केवल एक कर्मचारी ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक अभिभावक जैसी थीं। स्कूल में किसी भी बच्चे की तबीयत खराब होने पर वे मां की तरह उसकी देखभाल करती थीं। इसी वजह से विद्यालय के बच्चों और अभिभावकों के बीच उनकी विशेष पहचान और सम्मान था।
साहित्य से भी था गहरा जुड़ाव
स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ बबीता कुमारी साहित्यिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहती थीं। उनकी कविताएं और रचनात्मक अभिव्यक्तियां लोगों को काफी प्रभावित करती थीं। अपने सहज व्यवहार और संवेदनशील व्यक्तित्व के कारण वे सभी की प्रिय थीं। उनके परिवार में एक पुत्र भी है।
विद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति तथा घायल परिजनों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।

