Bokaro: बदलती औद्योगिक जरूरतों के बीच अब वायर रॉड उद्योग केवल उत्पादन क्षमता तक सीमित नहीं रह गया है। ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, फास्टनर और इंजीनियरिंग सेक्टर की बढ़ती मांग के साथ निर्माता अब उच्च गुणवत्ता, स्थिर प्रदर्शन और अनुप्रयोग-विशिष्ट उत्पादों पर जोर दे रहे हैं। इसी दिशा में ईएसएल स्टील लिमिटेड (ESL Steel Limited) अपनी मूल्यवर्धित वायर रॉड श्रृंखला और तकनीकी विशेषज्ञता के बल पर बाजार में मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

बताया जा रहा है कि ईएसएल का वायर रॉड पोर्टफोलियो लो-कार्बन कमोडिटी ग्रेड से लेकर हाई-कार्बन और विशेष ग्रेड तक फैला हुआ है। कंपनी बोरॉन, EN31, CO2 और EM12K जैसे विशेष ग्रेड का उत्पादन करती है, जिनका उपयोग ऑटोमोबाइल, फास्टनर, वेल्डिंग इलेक्ट्रोड और सामान्य इंजीनियरिंग क्षेत्रों में किया जाता है।

ग्राहकों की जरूरत के अनुसार विकसित की जा रही विशेष केमिस्ट्री
सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक रविश शर्मा के अनुसार, ईएसएल बड़े वायर निर्माताओं के लिए ग्राहक-विशिष्ट रासायनिक संरचना (केमिस्ट्री) विकसित कर रहा है, जिससे डाउनस्ट्रीम प्रोसेसिंग में स्थिरता, बेहतर गुणवत्ता और अधिक उत्पादन क्षमता सुनिश्चित होती है। कंपनी के मीडियम और हाई कार्बन ग्रेड वायर रॉड का उपयोग वायर रोप, टायर रिइन्फोर्समेंट, ऑटोमोबाइल केबल, सस्पेंशन स्प्रिंग, पीसी स्ट्रैंड, एलआरपीसी और ट्रैक्टर कंपोनेंट्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा रहा है।
गुणवत्ता नियंत्रण से मिलती है प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त
कंपनी का कहना है कि कमोडिटी ग्रेड वायर रॉड जहां लागत आधारित बाजार को लक्ष्य बनाते हैं, वहीं विशेष ग्रेड वायर रॉड प्रदर्शन और अनुप्रयोग आधारित जरूरतों को पूरा करते हैं। इसके लिए कार्बन और अन्य मिश्रधातु तत्वों की सटीक मात्रा, स्टील की स्वच्छता और इनक्लूजन कंट्रोल पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ईएसएल की वायर रॉड मिल में एडवांस कूलिंग सिस्टम, ऑनलाइन रॉड गेज, नियंत्रित कूलिंग कन्वेयर और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इससे उत्पादों में समान यांत्रिक गुण, कम सतही दोष और बेहतर ड्रॉएबिलिटी सुनिश्चित होती है।
एकीकृत उत्पादन प्रणाली से लागत और गुणवत्ता दोनों पर नियंत्रण
सीईओ रविश शर्मा ने बताया कि ईएसएल एक पूर्णतः एकीकृत इस्पात संयंत्र है, जिसके कारण कंपनी कच्चे माल से लेकर अंतिम उत्पाद तक पूरी प्रक्रिया पर नियंत्रण रखती है। इससे स्टील की रासायनिक संरचना, इनक्लूजन नियंत्रण और बैच-टू-बैच गुणवत्ता में स्थिरता बनाए रखना संभव होता है। उन्होंने कहा कि लौह अयस्क, कोयला और ऊर्जा लागत में उतार-चढ़ाव का प्रभाव पूरे उद्योग पर पड़ता है, लेकिन बैकवर्ड इंटीग्रेशन, ऊर्जा दक्षता और प्रक्रिया सुधार के कारण ईएसएल इन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर पाता है।
भविष्य में विशेष ग्रेड उत्पादों पर रहेगा जोर
ESL Steel प्रबंधन का स्पष्ट मानना है कि भविष्य केवल स्टील बेचने का नहीं बल्कि ग्राहकों को बेहतर प्रदर्शन और उत्पादकता उपलब्ध कराने का है। इसी रणनीति के तहत ईएसएल आने वाले वर्षों में हाई कार्बन, अलॉय ग्रेड, वेल्डिंग इलेक्ट्रोड, फास्टनर क्वालिटी वायर रॉड और कस्टमाइज्ड केमिस्ट्री वाले उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। रविश शर्मा के अनुसार, ईएसएल खुद को केवल एक स्टील आपूर्तिकर्ता नहीं बल्कि ग्राहकों का तकनीकी साझेदार मानता है, जो गुणवत्ता, निरंतरता और नवाचार के माध्यम से दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर केंद्रित है।

