Bokaro: बोकारो रेलवे स्टेशन पर दिनांक 30 जून 2026 की रात्रि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और चाइल्डलाइन की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़ा रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इस दौरान पटना–रांची ट्रेन से कुल 11 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित उतारा गया और तत्काल सुरक्षा में लिया गया। सभी बच्चों को नियमानुसार बाल कल्याण समिति (CWC), बोकारो के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

अररिया के रहने वाले हैं सभी बच्चे, उम्र 12 से 17 वर्ष के बीच
प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया कि सभी बच्चे बिहार राज्य के अररिया जिले के निवासी हैं। इनकी आयु लगभग 12 से 17 वर्ष के बीच बताई गई है। पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि उनके गांव के दो युवक उन्हें रांची ले जा रहे थे, जहां रेलवे से जुड़े कार्य दिलाने का दावा किया गया था। हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि अधिकांश बच्चे अपना नाम तक लिखना नहीं जानते, जिससे उनकी शिक्षा और सामाजिक स्थिति बेहद कमजोर होने की पुष्टि हुई है।

बाल तस्करी और बाल श्रम की आशंका, जांच तेज
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल कल्याण समिति ने सभी बच्चों को तत्काल अस्थायी देखभाल एवं संरक्षण हेतु चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन (CCI) भेज दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बच्चों को रांची ले जाने के वास्तविक उद्देश्य की गहराई से जांच की जा रही है। बाल तस्करी, बाल श्रम या किसी अन्य प्रकार के शोषण की आशंका को ध्यान में रखते हुए पुलिस और संबंधित एजेंसियां सभी पहलुओं पर जांच कर रही हैं।
UNICEF P2E कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा पुनर्वास
बच्चों के सुरक्षित भविष्य और पुनर्वास के लिए उन्हें यूनिसेफ के Passport to Earning (P2E) कार्यक्रम से जोड़ने की योजना है। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को काउंसलिंग, मनोसामाजिक सहायता, जीवन कौशल (Life Skills), डिजिटल साक्षरता, वित्तीय समझ, करियर जागरूकता और रोजगार से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार यह पहल बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें सुरक्षित आजीविका की दिशा में सक्षम बनाने में मदद करेगी।
CWC अध्यक्ष का बयान: दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
बाल कल्याण समिति, बोकारो की अध्यक्ष लीलावती देवी ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “11 बच्चों को रांची ले जाने के पीछे का वास्तविक उद्देश्य जांच के बाद स्पष्ट होगा। यदि किसी व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
RPF, चाइल्डलाइन और CWC की संयुक्त भूमिका
इस पूरे रेस्क्यू अभियान में रेलवे सुरक्षा बल (RPF), चाइल्डलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) और बाल कल्याण समिति (CWC), बोकारो की महत्वपूर्ण और समन्वित भूमिका रही। समय रहते कार्रवाई कर सभी 11 बच्चों को संभावित खतरे से सुरक्षित निकाल लिया गया।
आम जनता से अपील
बाल कल्याण समिति ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी बच्चे को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाते हुए देखें या बाल तस्करी, बाल श्रम अथवा शोषण की आशंका हो तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें, ताकि समय पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

