Bokaro: चास के कांड्रा स्थित गुरु गोबिंद सिंह एजुकेशनल सोसायटी टेक्निकल कैम्पस (GGESTC) में ‘विश्व एमएसएमई दिवस एवं उद्यमी सम्मान समारोह–2026’ का शानदार आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड स्मॉल टाइनी सर्विस बिजनेस एंटरप्राइजेज एसोसिएशन (JSTSBEA), बोकारो द्वारा चतुर्भुज राजेश्वरी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस गरिमामयी समारोह का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के उद्यमियों के योगदान को सराहना और युवाओं में नवाचार व स्वरोजगार को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम के मुख्य आयोजक जेएसटीएसबीईए के प्रदेश अध्यक्ष कुन्दन उपाध्याय रहे। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 17 सफल उद्यमियों को ‘उद्यमी सम्मान–2026’ से नवाजा गया।

देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है MSME: मुख्य अतिथि
समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में टाटा पावर सोलर लिमिटेड के एरिया सेल्स मैनेजर अरविंद कुमार, एमएसएमई एसोसिएशन ऑफ झारखंड के अध्यक्ष शशि भूषण, उद्यमी विकास संघ के अध्यक्ष संजय भारती और रांची के इंडस्ट्रियल एक्सपर्ट श्री विवेक कुमार उपस्थित रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने में लघु एवं मध्यम उद्योगों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
युवाओं को मिला उद्यमिता का मंत्र
तरसेम सिंह (संस्थान अध्यक्ष व मुख्य संरक्षक): उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नौकरी की तलाश करने के बजाय उद्यमिता (Entrepreneurship) को रोजगार के एक सशक्त विकल्प के रूप में अपनाएं। सुरेंद्र पाल सिंह (संस्थान सचिव व संरक्षक): उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर ही क्षेत्र में रोजगार के नए और बेहतर अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
डॉ. प्रियदर्शी जरुहार (संस्थान निदेशक): उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने और इनोवेटिव सोच रखने की प्रेरणा दी। पल्लवी प्रसाद (प्रशासनिक एवं कानून अधिकारी): उन्होंने सम्मानित होने वाले सभी उद्यमियों को बधाई दी और कार्यक्रम की सफलता के लिए पूरी टीम की सराहना की।
राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
इस भव्य समारोह में कॉलेज के सभी शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रो. (डॉ.) मनोजीत डे ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में, सामूहिक राष्ट्रगान के साथ इस सफल समारोह का समापन हुआ।

