Bokaro: जिले में खेल गतिविधियों को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने को लेकर मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय खेल संचालन समिति की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में खेल गतिविधियों के विस्तार, वार्षिक खेल कैलेंडर, खेल आधारभूत संरचना, प्रायोजन, खेल पत्रिका के प्रकाशन और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।


हर खेल को समान महत्व देने पर जोर
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि हर खेल का अपना महत्व है और किसी भी खेल को उसकी लोकप्रियता या आर्थिक दृष्टिकोण के आधार पर कमतर नहीं आंका जाना चाहिए। क्रिकेट, कबड्डी, तीरंदाजी, ताइक्वांडो, जूडो-कराटे, फुटबॉल, एथलेटिक्स और बॉक्सिंग समेत सभी खेलों को समान महत्व देते हुए उनके विकास के लिए सकारात्मक एवं समन्वित प्रयास किए जाएं।
खेल आयोजन को पूरे खेल समुदाय का आयोजन बनाने की अपील
उपायुक्त ने कहा कि किसी एक खेल का आयोजन केवल संबंधित खेल संघ तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे पूरे जिले के खेल समुदाय का आयोजन बनाया जाना चाहिए। सभी खेल संघों के पदाधिकारी और खिलाड़ी आपसी समन्वय, भाईचारे एवं खेल भावना के साथ एक-दूसरे के आयोजनों में सक्रिय भागीदारी करें।

उन्होंने कहा कि खेल मैदान में प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ आपसी सौहार्द, टीम भावना और खेल भावना भी दिखाई देनी चाहिए।
31 मार्च 2027 तक तैयार होगा समेकित खेल कैलेंडर
उपायुक्त ने सभी खेल संघों को 31 मार्च 2027 तक का समेकित एवं विस्तृत खेल कैलेंडर तैयार करने का निर्देश दिया। कैलेंडर में प्रत्येक खेल के आयोजन की संभावित तिथि, स्थान, आयोजन का स्वरूप और अनुमानित बजट का उल्लेख करने को कहा गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कैलेंडर केवल तिथियों की सूची तक सीमित न हो, बल्कि सभी खेल संघ आपसी समन्वय से ऐसा कैलेंडर तैयार करें, जिससे पूरे वर्ष जिले में व्यवस्थित रूप से खेल गतिविधियां संचालित की जा सकें।
प्रत्येक खेल के लिए चिह्नित किया जाएगा आदर्श स्थल
उपायुक्त ने कहा कि जिला खेल परिसर के निर्माण तक प्रत्येक प्रमुख खेल के लिए उपयुक्त और सुविधायुक्त स्थल चिह्नित किया जाए। संबंधित खेल संघों को दो से तीन संभावित स्थलों का प्रस्ताव देने को कहा गया है।
प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर जिला प्रशासन संबंधित विद्यालयों एवं संस्थानों के साथ समन्वय कर आवश्यक सुविधाओं से युक्त स्थल को संबंधित खेल के लिए निर्धारित करने की दिशा में कार्य करेगा।
खेल सुविधाओं की कमियों का 10 दिनों में देना होगा ब्योरा
सभी खेल संघों को अपने-अपने खेल से संबंधित आधारभूत संरचना की कमी और आवश्यक संसाधनों का विवरण 10 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर प्राथमिकता तय करते हुए उपलब्ध संसाधनों, डीएमएफटी और अन्य माध्यमों से खेल सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।
ग्रामीण प्रतिभाओं को भी मिलेगा समान अवसर
उपायुक्त ने खेल गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण एवं प्रखंड स्तर के खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतियोगिताओं और प्रतिभा पहचान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को जिला एवं राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचने का अवसर मिल सके।
औद्योगिक संस्थानों को खेल प्रायोजन से जोड़ने की तैयारी
बैठक में सीसीएल, बीसीसीएल, बीएसएल सहित जिले में कार्यरत औद्योगिक एवं अन्य संस्थानों को खेल गतिविधियों से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। खेल संघों से प्रस्तावित आयोजनों और अनुमानित बजट का विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि संबंधित संस्थानों के समक्ष एक या अधिक खेलों को वर्षभर के लिए प्रायोजित करने का प्रस्ताव रखा जा सके।
उपायुक्त ने छोटे-छोटे स्तर पर अलग-अलग प्रायोजकों से सहयोग लेने के बजाय व्यवस्थित और दीर्घकालिक प्रायोजन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया, जिससे खेल गतिविधियों को निरंतर आर्थिक सहयोग मिल सके।
‘बोकारो खेल पत्रिका’ के प्रकाशन का प्रस्ताव
जिले की खेल प्रतिभाओं, उपलब्धियों और गतिविधियों को व्यापक मंच देने के उद्देश्य से बैठक में ‘बोकारो खेल पत्रिका’ के प्रकाशन का प्रस्ताव भी रखा गया। इसमें विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों के आलेख प्रकाशित किए जाएंगे।
विभिन्न खेलों से जुड़े पदाधिकारी अन्य खेलों पर भी आलेख लिखेंगे, जिससे जिले में खेलों के प्रति व्यापक समझ और आपसी जुड़ाव विकसित हो सके। पत्रिका के माध्यम से स्थानीय नागरिकों, औद्योगिक संस्थानों एवं अन्य संगठनों को विज्ञापन और प्रायोजन से जोड़कर खेल गतिविधियों के लिए संसाधन जुटाने की योजना है।
खेल गतिविधियों में वित्तीय पारदर्शिता पर जोर
उपायुक्त ने खेल गतिविधियों के वित्तीय प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्राप्त राशि और व्यय का स्पष्ट एवं व्यवस्थित लेखा-जोखा रखने को कहा।
उन्होंने कहा कि किस खेल के लिए कितनी राशि प्राप्त हुई, कितना आवंटन किया गया और किस मद में कितना खर्च हुआ, इसकी जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध होनी चाहिए। बैठक में जिला खेल संघ के पंजीकरण, संयुक्त निधि के गठन और विभिन्न खेलों की आवश्यकताओं के अनुरूप संसाधनों के वितरण पर भी चर्चा हुई।
विद्यालय, उद्योग और प्रशासन मिलकर बनाएंगे मजबूत खेल तंत्र
उपायुक्त ने विद्यालयों एवं औद्योगिक संस्थानों को खेल विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाने पर जोर दिया। विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ समन्वय कर अवकाश के दौरान खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, खिलाड़ियों के ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाओं के उपयोग की योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, खेल संघ, विद्यालय और औद्योगिक संस्थान मिलकर बोकारो में मजबूत एवं प्रभावी खेल तंत्र विकसित करें। प्रत्येक खेल के लिए आधारभूत संरचना, प्रशिक्षण, प्रतियोगिता, आर्थिक सहयोग और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना सामूहिक प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बून, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, जिला खेल संचालन समिति के सदस्य, विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
