Bokaro: छऊ नृत्य एवं छऊ मुखौटा निर्माण से जुड़े प्रशिक्षण केंद्रों के प्रशिक्षुओं के आकलन और समीक्षा के लिए आयोजित दो दिवसीय समीक्षा बैठक का पहला दिन शुक्रवार को छऊ केंद्र, चंदनकियारी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 11 और 12 सितंबर को आयोजित इस बैठक में कुल 14 प्रशिक्षण केंद्रों के गुरुजन और प्रशिक्षु भाग ले रहे हैं।

मयूरभंज और सरायकेला के दल हुए शामिल
पहले दिन सात गुरुजन अपने-अपने दल के साथ केंद्र पहुंचे। इनमें ओडिशा के मयूरभंज से पांच और सरायकेला से दो दल शामिल रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
छऊ कला के प्रति प्रशिक्षुओं को किया प्रोत्साहित
समीक्षा बैठक का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कलाकारों का उत्साहवर्धन करना और उन्हें छऊ नृत्य एवं छऊ मुखौटा निर्माण की समृद्ध कला परंपरा के प्रति और अधिक प्रोत्साहित करना रहा।

विशेषज्ञों ने किया प्रदर्शन और कला-कौशल का मूल्यांकन
संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित छऊ कलाकार सदाशिव प्रधान, नृपेन सहिस, संगीत नाटक अकादमी के पदाधिकारी दीपक जोशी, छऊ एडवाइजरी कमेटी के सदस्य सह केंद्र समन्वयक डॉ. संजय कुमार चौधरी, तपन पटनायक और हराधन महतो ने प्रशिक्षुओं के छऊ नृत्य प्रदर्शन एवं मुखौटा निर्माण कला का अवलोकन और मूल्यांकन किया।
परंपरा और मौलिकता बनाए रखने पर जोर
विशेषज्ञों ने प्रशिक्षुओं के प्रदर्शन की सराहना करते हुए छऊ कला की परंपरा, अनुशासन और मौलिकता को बनाए रखने के लिए निरंतर अभ्यास और रचनात्मक कार्य करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. संजय कुमार चौधरी के निर्देशन में समीक्षा बैठक का पहला दिन संपन्न हुआ। आयोजन को सफल बनाने में दिलीप कुमार जेना, विजय कुमार, आशुतोष कुमार समेत कला-प्रेमियों और सहयोगियों का योगदान रहा।
12 सितंबर को होगा समीक्षा बैठक का दूसरा दिन
समीक्षा बैठक का दूसरा दिन 12 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें शेष प्रशिक्षण केंद्रों के गुरुजन और प्रशिक्षुओं की सहभागिता रहेगी।
