Bokaro Steel Plant (SAIL) Hindi News

BGH का सीसीयू खुद वेंटीलेटर पर ! जुगाड़ पर चल रहा काम, DIc के बोलने के बाद भी नहीं आया वेंटीलेटर


Bokaro: जान है तो जहान है। बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) प्रबंधन शायद इस परिभाषा को समझता नही है या फिर समझ कर नासमझ बना हुआ है। अगर ऐसा नहीं होता, तो बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) का क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) पिछले कई महीनो से वेंटीलेटर क्राइसिस नहीं झेल रहा होता।

कहने वाले लोग कह रहे है कि हज़ारो करोड़ मुनाफा कमाने का दम भरने वाली सेल-बीएसएल के लिए चंद लाख रूपये के वेंटीलेटर, मॉनिटर, बेड लाना मानों हिमालय से संजीवनी ढूंढ के लाना जैसा हो गया है। वह भी सीसीयू मे जहां सिर्फ सीरियस मरीज ही भर्ती होते है।

सीसीयू मे डिफेक्टिव वेंटीलेटर, मॉनिटर और बेड रहना मरीजों की जान को खतरे में डालना है। बिना लापरवाही इसे तुरंत बदलना चाहिए। पर प्रबंधन इसको लेकर बिलकुल भी संजीदा नहीं दिख रहा है।

यही नहीं, बीएसएल के डायरेक्टर इंचार्ज, अमरेंदु प्रकाश ने 1 जनवरी 2022 को नव वर्ष सन्देश देते हुए पुरे संजीदगी के साथ कहा था कि अस्पताल (BGH) के सुविधाओं में संवर्धन के क्रम में क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट हेतु 30 मॉनिटर और १५ वेंटीलेटर उपलब्ध कराये जा रहा है। पर करीब डेढ़ महीना बीतने को है, उनकी बात खोखली साबित हो रही है।

बताया जा रहा है कि – बीजीएच के सीसीयू में लगे सारे के सारे 18 बेड डिफेक्टिव है। एहि नहीं सीसीयू में 14 वेंटिलेटर्स में से सिर्फ चार ही काम कर रहा है। बाकि सब बेकार पड़े है। ध्यान देने योग्य बात यह है की जो भी वेंटीलेटर चालू हालत में है वह बीजीएच को पीएम केयर फण्ड से मिले हुए है। जुगाड़ सिस्टम से काम हो रहा है।

सीसीयू की खस्ता हालत का अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है की उस वार्ड के बेड पर लगे 13 बेडसाइड मॉनिटर में से सिर्फ 3 ही काम कर रहे है बाकि ख़राब है। डॉक्टर और नर्सस की क्राइसिस पहले से ही सीसीयू झेल रहा है। इसके आलावा बहुत से ऐसी जान बचाने की चीज़े है जो या तो ख़राब पड़ी है या है ही नहीं। जैसे ABG मशीन नहीं है। जो सीसीयू में रहना बेहद जरुरी है। सिरिंज पंप और HFNO की भी बेहद कमी है। सिरिंज पंप कि कमी है।

बीजीएच का संचालन सेल का बोकारो इस्पात संयंत्र करता है। अपनी गिरती चिकित्सा व्यस्वस्था के चलते बीजीएच लोगो का भरोसा खोते जा रहा है। स्तिथि यह है की पिछले जनवरी 2019 से अब तक बीजीएच 36 करोड़ रूपये खर्च कर अपने बीएसएल के कर्मचारियों और उनके डिपेंडेंट्स का इलाज बाहर के अस्पतालों में करवाया है। बीएसएल के 16 विभागों में 13 में सुपरस्पेशलिस्ट्स नहीं है।

बीएसएल प्रबंधन का स्टेटमेंट –

सीसीयू के लिए वेंटिलेटर बस दो-तीन दिनों में पहुंच जायेगा। बेडसाइड मॉनिटर, बेड और कुछ अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों के लिए ऑर्डर दिया जा चुका है वह भी जल्द ही आ जायेंगे। सुधारात्मक कार्रवाई पहले से ही की जा रही है।


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