Bokaro: झारखंड के चंदनक्यारी में नाबालिग छात्रा (Minor) के साथ छेड़खानी के मामले में बोकारो के POSCO कोर्ट ने आरोपी युवक को कड़ी सजा सुनाई है। विशेष पॉक्सो कोर्ट के स्पेशल जज (Special Judge) देवेश कुमार त्रिपाठी ने आरोपी मनसुख अंसारी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए 4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, दोषी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा।
क्या था मामला ?

विशेष लोक अभियोजक रविशंकर चौधरी के अनुसार, यह घटना 4 जुलाई 2024 की है। पीड़िता, जो उस समय 16 वर्ष की थी, स्कूल से साइकिल चलाकर अपने घर लौट रही थी। रास्ते में मनसुख अंसारी ने उसे जबरन रोका और प्रेम का इजहार किया और शादी करने की बात कही। जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसका दुपट्टा छीन लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं।
जब पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद, तो पीड़िता पहुंची कोर्ट
इस मामले में घटना के बाद जब पीड़िता और उसके परिजन शिकायत लेकर थाने पहुंचे, तो पुलिस ने FIR दर्ज करने से मना कर दिया था। न्याय न मिलता देख पीड़िता की माँ ने सीधे बोकारो न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और ‘शिकायत याचिका’ (Complaint Petition) दायर की।

अदालत का फैसला
पोक्सो कोर्ट (POCSO Court) के स्पेशल जज, देवेश कुमार त्रिपाठी ने मामले की गंभीरता और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए 20 वर्षीय आरोपी मनसुख अंसारी को BNS की धारा 74 के तहत 3 साल की सजा और POCSO के सेक्शन 8 के तहत 4 साल कैद की सजा और सेक्शन 12 के तहत 3 साल की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।। अदालत के इस फैसले से एक बार फिर यह संदेश गया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में कानून का रुख बेहद सख्त है।

