Bokaro: स्थानीय पोक्सो (POCSO) अदालत ने सोमवार को 12 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष पोक्सो न्यायाधीश देवेश कुमार त्रिपाठी ने आरोपी सुनील यादव (53) और बच्चा मुनि यादव (60) को दुष्कर्म का दोषी पाया। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ-साथ, पीड़ित प्रतिकर योजना (Victim Compensation Scheme) और पोक्सो नियमों के तहत पीड़िता को 7 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।

क्या है मामला?

विशेष लोक अभियोजक रविशंकर चौधरी के अनुसार, घटना हरला थाना क्षेत्र की है। जून 2024 में जब पीड़िता के पिता बिहार स्थित अपने गांव से लौटे, तो उन्हें पता चला कि उनकी नाबालिग बेटी ने एक बच्चे को जन्म दिया है। डरी-सहमी पीड़िता ने बताया कि अगस्त 2023 में आरोपी सुनील यादव ने उसे फुसलाकर घर में बंधक बनाया और हाथ-पैर बांधकर दुष्कर्म किया। बाद में, इस कुकृत्य की जानकारी होने पर दूसरे आरोपी बच्चा मुनि यादव ने भी उसके साथ दरिंदगी की।
साजिश में परिवार भी शामिल
हैरानी की बात यह है कि सुनील की पत्नी और भाई-भाभी ने भी इस अपराध को छिपाने में सहयोग किया। आरोपियों ने पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर चुप रखा। गर्भवती होने पर भी उसे घर में कैद रखा गया। अंततः 10 मई 2024 को पीड़िता ने बच्चे को जन्म दिया, जिसे आरोपियों ने उसे लावारिस छोड़ दिया था। फिलहाल, साजिश में शामिल अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ भी मुकदमा चल रहा है।


