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साइबेरिया, चीन व मंगोलिया जैसे देशो से Bokaro के जलाशयों में पहुंचे प्रवासी पक्षी, वन विभाग कराएगा बर्ड सेन्सस


Bokaro: इन सर्दियों में बोकारो के जलाशयो में एक बार फिर भारी संख्या में विदेशी पक्षियों पहुंच चुके है। साइबेरिया, चीन, लद्दाख व मंगोलिया जैसे देशो से कई हज़ार किलोमीटर उड़कर यह पक्षी बोकारो पहुंचे हैं। जिले के विभिन्न जलाशयों में तकरीबन तीन महीने के शीतकालीन प्रवास के बाद यह प्रवासी पक्षी (Migratory Birds) फरवरी के अंतिम सप्ताह तक अपने देश वापस लौट जायेंगे।

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तेनुघाट डैम में व्हिस्लिंग डक
बताया जा रहा है कि इस बार प्रवासी पक्षियों की छह से अधिक विभिन्न प्रजातियों को ज़िले के तेनुघाट डैम, कोनार डैम और गरगा डैम सहित अन्य जल निकायों और नदियों में देखा गया है। इन जलाशयों में रेड क्रस्टेड पोर्च, रेड्डी शेलडक, कॉमन कोट, टॉटेड डक, बरहेडेड गूज और गडवाल जैसे मध्य एशियाई पक्षी प्रजातियों को आप बड़ी संख्या में देख सकते हैं। लेसर व्हिस्लिंग डक को प्रमुख रूप से तेनुघाट डैम में देखा जा रहा है।  Video:

होगा बर्ड सेन्सस: DFO, Bokaro
बोकारो डीएफओ रजनीश कुमार ने प्रवासी पक्षियों के आगमन की पुष्टि की है। इस वर्ष पक्षियों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक देखी जा रही है। डीएफओ ने कहा कि, “प्रवासी पक्षियों के आगमन के मद्देनजर, हम डैम और नदियों में बर्ड सेन्सस कराने जा रहे है। इससे प्रवासी पक्षियों के प्रजातियों और उनकी संख्या का अनुमान लगाया जा सकेगा। उनकी एक टीम 15 जनवरी से तेनुघाट बांध से बर्ड सेन्सस शुरू करेगी।”

भोजन और सुरक्षा की तलाश में प्रवासी पक्षी आतें है बोकारो
यहां के स्थानीय निवासियों के अनुसार यह प्रवासी पक्षी सर्दी के आगमन के साथ ही यहां आ जाते हैं और सर्दियां ख़त्म होने के बाद चले जाते है। हर साल यह प्रवासी पक्षी वार्षिक चक्र दोहराते हैं। उनकी निरंतर उपस्थिति जलाशयों की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाती है। ठंडी जलवायु से आने वाले ये पक्षी भोजन और सुरक्षा की तलाश में रहते हैं और आमतौर पर इस क्षेत्र में कम से कम दो से तीन महीने तक रहते हैं।

इन पक्षियों को देखकर होता है सुखद अनुभव
प्रवासी पक्षियों को देखने की लालसा में तेनुघाट डैम में बर्ड वॉचर्स और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर्स भी दूर-दूर से आते हैं। दूरबीन और कैमरे से लैस होकर यह पक्षी प्रेमी दूसरे देशों से आये प्रवासी पक्षियों को घंटो टकटकी लगाए देखते रहते है। डैम घूमने आये पर्यटकों को भी इन प्रवासी पक्षियों को देखकर सुखद अनुभव होता है।

तेनुघाट डैम के अलावा, बोकारो टाउनशिप के पास स्थित गरगा बांध और गोमिया ब्लॉक के कोनार बांध में सर्दियों में प्रवासी पक्षियों को देखा गया है। गरगा डैम में रेड क्रस्टेड पोचार्ड देखे गए है। यह प्रवासी पक्षी बहुत आकर्षक हैं।

2014 की सर्दियों के दौरान, एशियन वॉटर बर्ड सेंसस (AWBC) सर्वेक्षणकर्ताओं ने तेनुघाट बांध पर 500 से अधिक whistling ducks को देखा था। इस बार होने वाले बर्ड सेन्सस में और भी कई प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां सामने आने की उम्मीद है।


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