Bokaro: झारखंड के बोकारो में एक साधारण गुमशुदगी का मामला अब सनसनीखेज हत्या कांड में बदल गया है। इस मामले ने पुलिस की जांच प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया, जिसके बाद झारखण्ड हाई कोर्ट के हस्तक्षेप से विभाग में हड़कंप मच गया।

करीब आठ महीने बाद बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 26 वर्षीय आरोपी दिनेश कुमार महतो को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने जंगल से युवती के शव के अहम हिस्से बरामद किए हैं। लापरवाही के आरोप में पिंड्राजोड़ा थाना तो पहले ही सस्पेंड कर दिए गए थे, आज एसपी बोकारो ने अनुसंधानकर्ता समेत चार पुलिस अधिकारी और एक मुंशी को भी सस्पेंड कर दिया।
मां की शिकायत से शुरू हुआ मामला
घटना 24 जुलाई 2025 की है, जब रेखा देवी ने अपनी 18 वर्षीय बेटी पुष्पा महतो के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। 4 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन जांच की रफ्तार बेहद धीमी रही।

हाईकोर्ट की फटकार से बदली तस्वीर
पुलिस की सुस्ती से नाराज पीड़िता की मां ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत की सख्त टिप्पणी के बाद पिंडराजोड़ा थाना प्रभारी अभिषेक रंजन को निलंबित किया गया और एक सदस्यीय समिति गठित की जिसमे डीआईजी संध्या रानी मेहता की निगरानी में जांच शुरू हुई।
जंगल से मिले सबूत, खुली साजिश की परतें
दबाव बढ़ने पर पुलिस ने शनिवार को युवती के चास कॉलेज जहां वह पढ़ने जाती थी के पास जंगल से कंकाल, कपड़े, बाल और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद किया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी और मृतका के बीच तीन साल से संपर्क था। शादी के दबाव में आकर आरोपी ने 21 जुलाई को हत्या की साजिश रची।
SIT की जांच में बड़ा खुलासा
डीएसपी अलोक रंजन के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने तकनीकी और मानव साक्ष्यों के आधार पर केस सुलझाया। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल किया और पुलिस को घटनास्थल तक ले गया। एसपी ने कहा कि जांच के दौरान आरोपी का नाम सामने आया था, लेकिन अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे देरी हुई। “इस लापरवाही ने पिंड्राजोड़ा पुलिस टीम ने मेरा विश्वास तोड़ दिया है,” उन्होंने कहा। पुलिस ने आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन और 23 सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है।
मामले में लापरवाही के आरोप में जिन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया, उनके नाम इस प्रकार हैं:
थाना प्रभारी: Abhishek Ranjan
जांच अधिकारी: Aniket Kumar
सब-इंस्पेक्टर: Vivek Pandey
सब-इंस्पेक्टर: Anil Yadav
मुंशी (क्लर्क): Akshay Kumar
एसपी ने कहा कि इन सभी पर मामले की जांच में लापरवाही और गंभीरता न दिखाने का आरोप है, जिसके चलते विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया।

