विरोध प्रदर्शन के चलते बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में 24 घंटे तक उत्पादन पूरी तरह से ठप रहा, जिससे संयंत्र को लगभग 25,000 टन हॉट मेटल का नुकसान हुआ। उत्पादन ठप होने से बीएसएल को करीब Rs 100 करोड़ की राजस्व हानि हुई। प्रमुख इकाइयों के बंद होने के बाद अब संचालन बहाली की प्रक्रिया तेज़ी से जारी है और रविवार तक पूर्ण बहाली की उम्मीद है।
प्रदर्शन के बाद परिचालन बहाली की दिशा में कदम
बोकारो स्टील प्लांट (BSL) ने 24 घंटे की उत्पादन बाधा के बाद धीरे-धीरे अपने संचालन को बहाल करना शुरू कर दिया है। यह व्यवधान विस्थापितों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के कारण हुआ था। प्रदर्शन के दौरान CISF जवानो का लाठी भंजाना SAIL-BSL को बहुत भारी पड़ा। हालात तब सामान्य होने लगे जब शुक्रवार देर रात बोकारो की विधायक श्वेता सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद संयंत्र में शांति लौटने लगी। बीएसएल के प्रभारी निदेशक बीरेंद्र तिवारी ने कर्मचारियों को पूरी क्षमता से उत्पादन बहाल करने के लिए प्रेरित किया है।
ब्लास्ट फर्नेस फिर से सक्रिय, उत्पादन में तेजी
शनिवार सुबह से कर्मचारी ब्लास्ट फर्नेस और अन्य इकाइयों को पुनः चालू करने में जुट गए। बीएसएल प्रबंधन का कहना है कि संयंत्र का 100% परिचालन रविवार सुबह तक सामान्य हो जाएगा। कर्मचारियों ने हॉट मेटल के उत्पादन को प्राथमिकता दी और संयंत्र में गतिविधियां फिर से रफ्तार पकड़ने लगीं।
प्रशासन सतर्क, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा तैनात
बोकारो की उपायुक्त विजया जाधव ने कहा कि उन्होंने और उनकी टीम ने प्लांट के सभी गेटों का निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि कर्मचारियों के प्रवेश और निकास में कोई बाधा न हो। उन्होंने बताया कि विरोध खत्म हो चुका है, लेकिन एहतियातन संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात है।
उत्पादन नुकसान: 25,000 टन हॉट मेटल, 100 करोड़ की चपत
बीएसएल सूत्रों के मुताबिक, कोक ओवन, सिंटर प्लांट, स्टील मेल्टिंग शॉप और हॉट स्ट्रिप मिल जैसी मुख्य उत्पादन इकाइयों के बंद होने से लगभग 25,000 टन हॉट मेटल और अन्य स्टील ग्रेड का उत्पादन नहीं हो सका। इस दौरान संयंत्र को करीब 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
उत्पादन 50% तक पहुंचा, जल्द ही पूर्ण बहाली की उम्मीद
बीएसएल के संचार प्रमुख मणिकांत धन ने जानकारी दी कि शुक्रवार आधी रात से शनिवार आधी रात तक उत्पादन पूरी तरह रुका रहा। हालांकि शनिवार दोपहर तक उत्पादन 50% क्षमता तक पहुंच गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि शनिवार रात या रविवार सुबह तक पूर्ण रूप से उत्पादन बहाल हो जाएगा।
जल आपूर्ति बहाल, कर्मचारी संकट में भी प्रतिबद्ध
तेनु नहर की मरम्मत पूरी कर ली गई है और संयंत्र को जल आपूर्ति फिर से सामान्य हो चुकी है। मणिकांत धन ने कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा, “कर्मचारियों ने संकट के समय भी संयंत्र की सुरक्षा और जनहित को प्राथमिकता दी है। यह उनकी अनुकरणीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
टाउनशिप की सफाई और मरम्मत कार्य जारी
विरोध के दौरान जले टायर, गिरे पेड़ और अन्य मलबे को हटाने का कार्य नगर प्रशासन विभाग ने शुरू कर दिया है। साथ ही, बीएसएल प्रशासनिक भवन के पास क्षतिग्रस्त ग्रिल और फटे बैनरों की मरम्मत का काम भी तेज़ी से चल रहा है।